
कोलकाता, 13 जून . तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निलंबित नेता रिजू दत्ता ने पार्टी के अंदर हालिया विवादों को लेकर अपनी राय रखी. उन्होंने कल्याण बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, मदन मित्रा और अन्य मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून को अपना काम करने दिया जाना चाहिए और जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी.
कल्याण बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के बीच हाल में सामने आए मतभेदों पर रिजू दत्ता ने से कहा कि यह अच्छी बात है कि दोनों नेताओं के बीच सुलह का माहौल दिखाई दे रहा है. एक दिन पहले अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को पिता समान बताया था, और अब कल्याण बनर्जी ने भी बड़े दिल का परिचय देते हुए उन्हें बेटे की तरह माफ कर दिया है. यह तृणमूल कांग्रेस का आंतरिक मामला है, लेकिन कल्याण बनर्जी को टीएमसी की जरूरत नहीं है, बल्कि टीएमसी को कल्याण बनर्जी की जरूरत है. वर्तमान परिस्थितियों में अभिषेक बनर्जी को बड़े और अनुभवी वकीलों की जरूरत पड़ सकती है, और ऐसे समय में कल्याण बनर्जी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है.
अभिषेक बनर्जी और उनके निजी सहायक सुमित रॉय पर लगे आरोपों को लेकर भी रिजू दत्ता ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार सुमित रॉय और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कई आरोप हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ ईडी, सीबीआई और सीआईडी के मामले चल रहे हैं. उन्हें जानकारी मिली है कि चक्रवात अम्फान राहत कार्यों से जुड़े कथित 250 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार मामले में बिष्णुपुर थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई है, जिसमें अभिषेक बनर्जी का नाम भी शामिल बताया जा रहा है.
नगरपालिका भर्ती घोटाले के सिलसिले में टीएमसी विधायक मदन मित्रा के घर ईडी की छापेमारी पर भी रिजू दत्ता ने कहा कि यदि ईडी के पास शिकायत है और जांच के दौरान उसे कुछ सबूत मिले हैं, तो एजेंसी को जांच करने का पूरा अधिकार है. फिलहाल, जांच चल रही है और यदि मदन मित्रा निर्दोष हैं, तो उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी. यदि उनके खिलाफ अदालत में कोई सबूत नहीं मिलता है, तो उन्हें सम्मानपूर्वक बरी कर दिया जाएगा.
टीएमसी सांसद काकोली घोष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष कल्याण बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के मामले पर रिजू दत्ता ने कहा कि यह दो सांसदों के बीच का मामला है. यदि काकोली घोष के पास कोई ठोस सबूत है तो शिकायत करना उनका अधिकार है. वहीं, यदि शिकायत सही पाई जाती है तो कल्याण बनर्जी भी अपना पक्ष रखेंगे. कानूनी प्रक्रिया के जरिए सच सामने आ जाएगा.
विधायक के हस्ताक्षर कथित रूप से फर्जी बनाकर स्पीकर को भेजे जाने के मामले में भी रिजू दत्ता ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि यदि कुणाल घोष और अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, तो उन्हें जांच में सहयोग करना चाहिए. यह बेहद गंभीर मामला है क्योंकि इसमें विधायकों के हस्ताक्षरों की कथित जालसाजी का आरोप है. सच्चाई सामने लाने के लिए जांच एजेंसी जो भी जरूरी कदम उठाएगी, उसे उठाना चाहिए, जिन्हें समन भेजा गया है, उन्हें कानून के मुताबिक जांच में सहयोग करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
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वीकेयू/एबीएम