
गुवाहाटी, 4 सितंबर . असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को पांच साल पहले हुए कार्बी आंगलोंग शांति समझौते को याद किया और इस क्षेत्र में शांति बहाल करने और उसे बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सराहना की.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, सरमा ने कहा कि यह समझौता कार्बी आंगलोंग के लिए एक अहम मोड़ साबित हुआ, एक ऐसा इलाका जो लंबे समय से हिंसा और अशांति से जूझ रहा था. जब भविष्य में राज्य के इतिहास का अध्ययन किया जाएगा तो असम में शांति लाने में पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह के योगदान को खासतौर पर याद किया जाएगा.
सरमा ने कहा, “आज ही के दिन पांच साल पहले, कार्बी आंगलोंग शांति समझौते के साथ, उस इलाके में शांति लौटी जो अक्सर हिंसा और अशांति से घिरा रहता था.”
इस समझौते को सिर्फ एक और शांति समझौता न बताते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि इसने इलाके में विकास और आर्थिक अवसरों के लिए रास्ते खोले हैं.
सरमा ने कहा कि इस समझौते ने ऐसा माहौल बनाने में मदद की है, जिसमें लोग अपने घरों के पास ही अवसरों का लाभ उठा सकते हैं और असम की व्यापक विकास यात्रा में ज्यादा सक्रिय रूप से हिस्सा ले सकते हैं. कार्बी आंगलोंग के लोग राज्य की विकास यात्रा में बराबर के हिस्सेदार बन गए हैं और भरोसा जताया कि यह इलाका समझौते से मिली शांति का लाभ उठाता रहेगा.
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व की भी तारीफ की, क्योंकि उन्होंने इलाके से जुड़े जटिल मुद्दों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई थी.
सरमा के अनुसार, लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का समाधान खोजने और समझौते के बाद शांति बनाए रखने में उनके ‘सीधे तौर पर शामिल होने के तरीके’ ने अहम भूमिका निभाई.
कार्बी आंगलोंग शांति समझौते पर सितंबर 2021 में केंद्र, असम सरकार और कार्बी समूहों के प्रतिनिधियों के बीच हस्ताक्षर किए गए थे. इसका मकसद दशकों से चले आ रहे सशस्त्र संघर्ष को खत्म करना और इलाके में ज्यादा विकास और राजनीतिक स्थिरता के लिए एक ढांचा तैयार करना था.
सरमा ने कहा कि शांति के फायदे साफ दिख रहे हैं. इलाके में अवसर लौटे हैं और लोग तेजी से गृह राज्य में अपना भविष्य बना पा रहे हैं. कार्बी आंगलोंग के लोग इलाके की पुरानी समस्याओं को सुलझाने में पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह के नेतृत्व के लिए हमेशा आभारी रहेंगे.
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एससीएच/एबीएम