कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार की चेतावनी, सूखा प्रबंधन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

कलबुर्गी, 7 जुलाई . कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सूखा प्रबंधन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता को सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी तरह की लापरवाही या बहानेबाजी को बर्दाश्त नहीं करेगी.

कलबुर्गी में आयोजित संभाग स्तरीय प्रगति समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य पारदर्शी, जन-केंद्रित और समावेशी प्रशासन सुनिश्चित करना है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और अधिकारों का लाभ पहुंच सके.

उन्होंने कहा, “मैं उन अधिकारियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करूंगा जो जनता के हित में काम नहीं करते. हमारी सरकार स्वच्छ, पारदर्शी और समावेशी प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है. समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार द्वारा दिए गए अधिकार और सुविधाएं पहुंचनी चाहिए.”

मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तर कर्नाटक में विकास कार्यों की यह उनकी पहली संभागस्तरीय समीक्षा बैठक थी.

जवाबदेही पर जोर देते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में विभिन्न पदों पर काम किया है और प्रशासनिक व्यवस्था के हर स्तर को अच्छी तरह समझते हैं.

उन्होंने कहा, “मैंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत तालुक पंचायत अध्यक्ष के रूप में की थी और आज मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचा हूं. प्रशासन के हर स्तर पर क्या होता है, मैं अच्छी तरह जानता हूं. विकास कार्यों में बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे. मेरे लिए केवल परिणाम मायने रखते हैं.”

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अच्छा काम करने वाले अधिकारी जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे, लेकिन जो अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने कहा, “यदि आपका प्रदर्शन अच्छा रहेगा तो आप जनता द्वारा हम पर जताए गए विश्वास का सम्मान करेंगे, लेकिन यदि आप जनहित में काम नहीं करेंगे तो मुझे आपके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी.”

डीके शिवकुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूखे की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जाए और राहत उपायों का लाभ प्रभावित लोगों तक बिना किसी देरी के पहुंचाया जाए. उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों को उर्वरकों की कोई कमी न हो और जहां जरूरत हो वहां झीलों को भरने की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए.

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं छूटना चाहिए.

उन्होंने कहा, “एक भी पात्र मतदाता अपने मतदान अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए. यह राजनीति का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकार की रक्षा का विषय है. बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को हर घर में कम से कम तीन बार जाना चाहिए ताकि सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बने रहें. इस मामले में कोई समझौता नहीं होगा.”

जल संसाधनों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में कम वर्षा की चिंताओं के बावजूद कर्नाटक की स्थिति फिलहाल अपेक्षाकृत बेहतर है.

उन्होंने बताया कि अंतरराज्यीय जल विवादों के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों तथा केंद्रीय मंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय चर्चा शुरू की है.

डीके शिवकुमार ने कहा, “अंतरराज्यीय जल विवादों के समाधान को लेकर ऐतिहासिक चर्चा हुई है. करीब एक लाख करोड़ रुपए की लागत वाली कृष्णा, कावेरी और गोदावरी नदियों को जोड़ने की परियोजना के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. हमने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनता के हित में मिलकर काम करने का फैसला किया है.”

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू की गई सभी विकास परियोजनाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी.

उन्होंने कहा, “हम न केवल चल रही परियोजनाओं को जारी रखेंगे, बल्कि उनकी गति भी बढ़ाएंगे. हमारी सरकार प्रशासन में पारदर्शिता, दक्षता और जन-केंद्रित दृष्टिकोण को और अधिक महत्व देगी.”

बैठक के दौरान जनता दल (सेक्युलर) की देवदुर्गा विधायक कारेम्मा नायक ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि राजनीतिक भेदभाव के बिना परियोजनाओं को लागू कराया जा रहा है.

एएमटी/वीसी