कर्नाटक: सीएम डीके शिवकुमार ने भाजपा पर ‘वंदे मातरम’ विवाद को लेकर अशांति फैलाने का लगाया आरोप

बेंगलुरु, 15 सितंबर . कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को ‘वंदे मातरम’ मुद्दे पर भाजपा के प्रस्तावित आंदोलन की कड़ी आलोचना की. उन्होंने विपक्षी पार्टी पर लोगों को भड़काने और राज्य में अशांति पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

सीएम शिवकुमार ने केआर सर्कल में सर एम. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक कारणों से हर चीज में कमी निकाल रही है और उसे कर्नाटक के कल्याण की कोई परवाह नहीं है.

शिवकुमार ने कहा, “अगर आप भाजपा नेताओं का सीना भी चीरकर देखें, तो उसमें राज्य के कल्याण की चिंता का कोई भाव नहीं मिलेगा. उनकी सोच सिर्फ राजनीतिक है. उन्हें सुधारा नहीं जा सकता.”

‘वंदे मातरम’ मुद्दे पर भाजपा के विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर प्रतिक्रिया देते हुए, उन्होंने उस पुलिस अधिकारी का बचाव किया, जिसके बयानों से यह विवाद शुरू हुआ था. उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी ने क्या गलती की है? उसने बस चेतावनी दी थी ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. इसके लिए भाजपा इस मुद्दे को सड़कों पर ले आई है.”

शिवकुमार ने सवाल किया कि विपक्ष के नेता समेत अन्य विपक्षी नेता पंचायत स्तर के मुद्दे में क्यों शामिल हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता का पद एक संवैधानिक पद है. मैं उनसे बेहतर आचरण की उम्मीद करता हूं.

इस मुद्दे पर भाजपा नेताओं के सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने सवाल किया कि समाज में कानूनों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कौन जिम्मेदार होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं और उनसे ऐसी गतिविधियां बंद करने का आग्रह किया.

उन्होंने कहा, “कर्नाटक की वजह से भारत का सम्मान बढ़ रहा है. अगर यहां कोई अप्रिय घटना होती है, तो इससे भारत को नुकसान होगा. यहां के भाजपा नेता ऐसी राजनीति कर रहे हैं जिससे देश के लिए प्रधानमंत्री के विजन पर असर पड़ सकता है.”

शिवकुमार ने कहा कि भाजपा राजनीति करने और विरोध प्रदर्शन करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन उसे अशांति नहीं फैलानी चाहिए और न ही राज्य का नाम खराब करना चाहिए. उन्होंने कहा, “राजनीति करें और विरोध प्रदर्शन करें, लेकिन मैं आपसे अपील करता हूं कि अशांति न फैलाएं और राज्य का नाम खराब न करें.”

सीएम ने कम बारिश और संभावित सूखे की स्थिति को लेकर चिंताओं पर बात करते हुए विधायकों से न घबराने और इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि सरकार, केंद्र सरकार द्वारा संभावित आकलन से पहले एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है.

उन्होंने कहा, “जब केंद्र सरकार आकलन के लिए आएगी, तो हमारी रिपोर्ट गलत नहीं होनी चाहिए. कुछ इलाकों में सर्वे पूरे हो चुके हैं जबकि बाकी इलाकों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले हफ्ते में बारिश का अनुमान लगाया था, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में बारिश कम हुई है. उन्होंने बिजली की बढ़ती कमी पर भी चिंता जताई और कहा कि सरकार पीने के पानी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए तैयारी कर रही है.

शिवकुमार ने कहा कि सूखे की स्थिति पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है और किसानों से बातचीत के बाद अतिरिक्त उपायों की घोषणा की जाएगी.

एएसएच/पीएम