
नई दिल्ली, 13 जुलाई . दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट द्वारा अंकित शर्मा मर्डर केस में पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने पर दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें माफी मांगनी चाहिए.
हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने ताहिर हुसैन को दिल्ली दंगों और आईबी अधिकारी अंकित की हत्या का दोषी पाया है. अरविंद केजरीवाल हमेशा से उमर खालिद, ताहिर हुसैन, अमानतुल्लाह खान और खालिद सैफी जैसे लोगों का समर्थन करते आए. कोर्ट के फैसले के बाद, अरविंद केजरीवाल को दिल्ली और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए कि उनके विधायक और पार्षद लगातार देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं.
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि ताहिर हुसैन ने ईस्ट दिल्ली में दंगे करवाए थे और उसके लिए कोर्ट ने उसे गुनाहगार पाया. आज एक बात बहुत स्पष्ट हुई कि ताहिर हुसैन ने अपने पास वेपन भी रखे थे, भीड़ को भड़काया भी था और आईबी ऑफिसर अंकित का कत्लेआम भी करवाया. आप ने हिंदू-मुसलमान के अंदर डिवीजन डालने और दिल्ली को दंगों में धकेल कर बेकसूर लोगों को मरवाने का काम किया. यह भी स्पष्ट हो गया है कि ताहिर हुसैन आप के कहने पर ये सब कर रहा था और इसके जिम्मेदार अगर कोई हैं, तो अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया हैं.
मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि ताहिर हुसैन का दोष आज सिद्ध हो गया है. नौजवान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा, जो बेगुनाह और निर्दोष थे, उनको मारकर, काटकर उनकी लाश को नाले में फेंक दिया गया था. लेकिन इससे भी बड़ी बात यह है कि ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी के लोग क्यों बचा रहे थे? क्यों वह अरविंद केजरीवाल के नजदीकियों और संजय सिंह जैसे लोगों के फोन के लगातार संपर्क में था. जब ताहिर हुसैन अंकित शर्मा का मर्डर कर रहा था, तब वह उमर खालिद के भी लगातार संपर्क में था. दिल्ली दंगों की जो पूरी की पूरी साजिश है, वह आज सामने निकलकर आ गई है कि इन सब लोगों ने मिलकर सड़कें बंद करना और हिंदुओं के नरसंहार की साजिश रची थी.
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि ताहिर हुसैन आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या का मुख्य आरोपी था. उस समय अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह ने ताहिर हुसैन का बचाव करने की कोशिश की थी.
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि अंकित शर्मा की जिस तरह से हत्या की गई, वह एक बहुत ही जघन्य अपराध था, और इसमें ताहिर हुसैन शामिल थे. यह अदालत में साबित हो चुका है.
भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि जब दंगे हुए थे, तभी यह साफ हो गया था कि इन दंगों के पीछे आम आदमी पार्टी का हाथ था. उस समय ताहिर हुसैन वहां पार्षद थे, और उन्होंने भारी उपद्रव मचाया था.
भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि निश्चित रूप से कोर्ट का हम अभिनंदन करते हैं, लेकिन देर हुई तो कम से कम फैसला तो आया. अंकित शर्मा को आज के इस कोर्ट के फैसले से उनकी आत्मा को शांति मिलेगी, ऐसा मेरा मानना है. जिस प्रकार 2020 में फरवरी में ये दंगा हुआ था, वास्तव में एक ऐसे होनहार आईबी ऑफिसर की जान चली गई. कोर्ट ने साबित कर दिया है कि उसके घर में देर है, अंधेर नहीं है.
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डीकेएम/एबीएम