पीएससी परीक्षा रिकॉर्ड मामले में केरल हाईकोर्ट ने सूचना आयोग के आदेश पर एक माह के लिए लगाई रोक

कोच्चि, 11 अगस्त . केरल हाई कोर्ट ने मंगलवार को राज्य सूचना आयोग के एक आदेश पर एक महीने के लिए रोक लगा दी. इस आदेश में लोक सेवा आयोग (पीएससी) को केरल राज्य योजना बोर्ड की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में परीक्षा के रिकॉर्ड का खुलासा करने का निर्देश दिया गया था.

कोर्ट ने शिकायतकर्ता तिरुवनंतपुरम के रहने वाले श्याम कृष्ण को भी नोटिस जारी किया है, जिनकी ‘सूचना का अधिकार’ अर्जी के कारण ही सूचना आयोग का आदेश आया था.

पीएससी ने एक रिट याचिका के जरिए सूचना आयुक्त के आदेश को चुनौती दी. उनका तर्क था कि चयन प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है और इस चरण में परीक्षा के रिकॉर्ड सार्वजनिक करने से भर्ती प्रक्रिया की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है.

पीएससी ने हाई कोर्ट को बताया कि इंटरव्यू, जो चयन प्रक्रिया का ही एक हिस्सा है, अभी पूरा होना बाकी है.

उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद परीक्षा के रिकॉर्ड दिए जा सकते हैं. उनका तर्क था कि समय से पहले जानकारी सार्वजनिक करने से परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता प्रभावित हो सकती है.

पीएससी की दलीलें सुनने के बाद, हाई कोर्ट ने सूचना आयोग के आदेश पर एक महीने के लिए रोक लगा दी.

यह मामला श्याम कृष्ण द्वारा दायर एक आरटीआई अर्जी से शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने परीक्षा से जुड़े सभी रिकॉर्ड जैसे आंसर स्क्रिप्ट और इंटरव्यू की मार्क्स लिस्ट मांगे थे.

उनकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, सूचना आयुक्त ने पीएससी को मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था.

हालांकि, पीएससी ने उस आदेश का पालन नहीं किया. सूचना आयुक्त ने आदेश का पालन न करने पर आयोग की कड़ी आलोचना की थी और रिकॉर्ड देने में हुई देरी पर नाराजगी जताई थी.

दस्तावेज सार्वजनिक करने के मुद्दे पर पीएससी और सूचना आयोग के बीच चल रहे गतिरोध के बीच हाई कोर्ट का यह दखल सामने आया है.

इससे पहले पीएससी की रिट याचिका में एक तकनीकी अड़चन आई थी. हाई कोर्ट ने आयोग को याचिका में मौजूद कमी को ठीक करके उसे नए सिरे से दाखिल करने का निर्देश दिया था.

इसके बाद कोर्ट ने मामले पर सुनवाई की और पीएससी के इस तर्क पर विचार किया कि चयन प्रक्रिया अभी भी चल रही है. एक महीने की इस रोक से परीक्षा के रिकॉर्ड सौंपने के सूचना आयोग के निर्देश पर कुछ समय के लिए रोक लग गई है.

शिकायतकर्ता से पीएससी की चुनौती पर जवाब मांगा गया है और आगे की कार्यवाही से यह तय होगा कि क्या चयन प्रक्रिया पूरी होने से पहले दस्तावेज सार्वजनिक किए जा सकते हैं या नहीं.

डीकेएम/पीएम