
कोलकाता, 12 जुलाई . कोलकाता के पोस्ता इलाके में कथित तौर पर अपहरण और मारपीट का शिकार हुए एक स्थानीय कारोबारी को पुलिस ने बचा लिया है. पता चला है कि अपहरणकर्ताओं ने 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी.
सूचना के आधार पर पोस्ता पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों ने शनिवार देर रात कारोबारी को बचाया. कथित अपहरण के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है.
पुलिस के अनुसार अपहृत कारोबारी की पहचान कोलकाता के पोस्ता पुलिस स्टेशन क्षेत्र के निवासी दिलीप जैन के रूप में हुई है.
मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले दिलीप अब अपने परिवार के साथ कोलकाता में रहते हैं. शुक्रवार को उनके परिवार ने पोस्टा पुलिस स्टेशन में उनके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी.
परिवार ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्हें फिरौती के लिए फोन आ रहे थे. शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की.
मोबाइल टावर लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण करने के बाद जांचकर्ताओं ने दिलीप को पोस्ता क्षेत्र के हरिराम गोयनका स्ट्रीट स्थित एक परिसर में ट्रैक किया.
एक अन्य सूचना के आधार पर पुलिस ने परिसर पर छापा मारा और व्यवसायी को छुड़ा लिया. साथ ही, रोहन और राजेश नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
प्रारंभिक जांच में पता चला कि गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों ने कथित तौर पर दिलीप जैन के माध्यम से एक अन्य व्यक्ति को 20 लाख रुपए उधार दिए थे, जिसके लिए दिलीप जैन को लेनदेन में सुविधा प्रदान करने के लिए कमीशन मिला था. बाद में, जब उधार लेने वाला व्यक्ति पैसा चुकाने में विफल रहा, तो रोहन और राजेश ने कथित तौर पर दिलीप से राशि वापस करने की मांग की.
हालांकि, पुलिस ने बताया कि दिलीप ने कथित तौर पर जिम्मेदारी से इनकार कर दिया है. इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर दिलीप का अपहरण करने और फिरौती की मांग करके पैसे वसूलने की योजना बनाई. पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और जांच जारी है. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या अपहरण में कोई और भी शामिल था. कारोबारी के परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के अलावा किसी और ने भी फिरौती के लिए फोन किया था या नहीं.
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एमएस/