
मुंबई, 5 जून . शिवसेना के नेता कृष्णा हेगड़े ने कहा कि आज भारत वैश्विक स्तर पर एक मजबूत भूमिका निभा रहा है. उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें कहा गया था कि भारत में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता है. हेगड़े ने कहा कि भारत में भले ही सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर कुछ मतभेद की स्थिति दिखाई देती हो, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में देश एकजुट होकर आगे बढ़ेगा और ‘विश्व गुरु’ बनेगा.
उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई देश भारत की नीति और नेतृत्व को गंभीरता से देखते हैं. भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय संकटों के दौरान भी एक संतुलित और शांतिपूर्ण भूमिका निभाई है. चाहे युद्ध जैसी परिस्थिति हों या वैश्विक तनाव, भारत ने हमेशा संवाद और शांति का रास्ता अपनाने की कोशिश की है. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में भारत वैश्विक मंच पर और मजबूत भूमिका निभाएगा.
इसी बातचीत में उन्होंने यूक्रेन-रूस युद्ध और अन्य अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत कई मामलों में मध्यस्थता और समाधान निकालने की दिशा में प्रयास करता रहा है. उनके अनुसार यह भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का संकेत है.
कृष्णा हेगड़े ने रूस के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और दबाव के बावजूद भारत ने रूस के साथ व्यापारिक रिश्ते जारी रखे. उनके अनुसार, भारत ने कभी भी किसी दबाव में आकर अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया.
उन्होंने बताया कि भारत और रूस के बीच व्यापार अब और बढ़ रहा है और यह अरबों डॉलर के स्तर तक पहुंच रहा है. भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे देश में ऊर्जा की कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल रही है. वहीं, भारत से रूस को भी कई प्रकार के सामान का निर्यात हो रहा है, जिससे भारतीय निर्यातकों को फायदा मिल रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि इस बढ़ते व्यापारिक संबंध से दोनों देशों को लाभ हो रहा है और यह साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत होगी. रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भी भारत के साथ संबंधों को और आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है.
इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु की राजनीति पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि डीएमके पार्टी ने लोकसभा में अलग सीटिंग की मांग की थी, जिसे स्पीकर ओम बिरला ने स्वीकार कर लिया. अब डीएमके के सांसद अलग बैठते हुए दिखाई देंगे. इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. उन्होंने कहा कि यह बदलाव विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के अंदर चल रही खींचतान और असंतोष को भी दिखाता है. तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस और डीएमके के रिश्तों में भी तनाव देखने को मिला है.
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पीआईएम/डीकेपी