‘राहुल गांधी ‘विधायक चोर”, दानम नागेंद्र की याचिका खारिज होने पर केटीआर का तंज

हैदराबाद, 24 सितंबर . बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने गुरुवार को दानम नागेंद्र की विधायकी अयोग्यता के मामले में Supreme Court के फैसले के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर निशाना साधा. Supreme Court ने दानम नागेंद्र की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने दल-बदल विरोधी कानून के तहत उन्हें विधायक पद से अयोग्य ठहराने के तेलंगाना हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी.

केटीआर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी के लिए ‘सुप्रीम झटका’ बताया. उन्होंने कहा कि अयोग्यता से बचने की दानम नागेंद्र की कोशिश को Supreme Court ने खारिज कर दिया है और दल-बदल विरोधी कानून के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने का हाई कोर्ट का फैसला बरकरार है.

केटीआर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी को लगा था कि वे दल-बदल के जरिए मिले जनादेश को अपने पक्ष में कर सकते हैं और विधानसभा अध्यक्ष के पीछे छिप सकते हैं. उन्होंने कहा कि खैरताबाद की जनता जल्द ही कथित विश्वासघात, अधूरे वादों और कुशासन पर अपना फैसला सुनाएगी.

एक अन्य पोस्ट में केटीआर ने लिखा कि एक विकेट गिरा- जल्द ही और विकेट गिरने वाले हैं. मेरे शब्दों को याद रखना ‘विधायक चोर’ राहुल गांधी.

Supreme Court ने गुरुवार को दानम नागेंद्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है.

इस फैसले के साथ ही दानम नागेंद्र को विधायक पद से अयोग्य ठहराने और खैरताबाद विधानसभा सीट को खाली घोषित करने का हाई कोर्ट का आदेश प्रभावी बना रहेगा. हाई कोर्ट ने उनकी अयोग्यता 23 अप्रैल 2024 से प्रभावी मानी थी.

दानम नागेंद्र 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव में खैरताबाद सीट से बीआरएस के टिकट पर विधायक चुने गए थे. इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का रुख किया और बीआरएस विधायक रहते हुए 2024 के लोकसभा चुनाव में सिकंदराबाद सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. इसी आधार पर उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग की गई थी.

तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार ने पहले दानम नागेंद्र को अयोग्य ठहराने की याचिकाएं खारिज कर दी थीं. इस फैसले को तेलंगाना हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी.

तेलंगाना हाई कोर्ट ने 18 सितंबर के अपने फैसले में विधानसभा अध्यक्ष का आदेश रद्द करते हुए नागेंद्र को संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्य ठहराया था. कोर्ट ने माना था कि बीआरएस विधायक रहते हुए कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद उनकी अयोग्यता 23 अप्रैल 2024 से प्रभावी हो गई थी. हाई कोर्ट ने खैरताबाद विधानसभा सीट को भी खाली घोषित किया था.

हाई कोर्ट के इसी आदेश के खिलाफ नागेंद्र Supreme Court पहुंचे थे, लेकिन गुरुवार को शीर्ष अदालत से उन्हें राहत नहीं मिली. Supreme Court का फैसला आने के बाद खैरताबाद सीट पर उपचुनाव का रास्ता साफ हो गया है.

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एएमटी/डीकेपी