
नई दिल्ली, 3 नवंबर . भारत के पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर वेंकटापति राजू ने लेग स्पिनर कुलदीप यादव को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिलने से हैरान हैं. यह सीरीज न्यूजीलैंड ने 3-2 से अपने नाम की थी. राजू ने टीम मैनेजमेंट से अपील की है कि अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से पहले कुलदीप को ज्यादा मैच खेलने का मौका दिया जाए.
मौजूदा टीम मैनेजमेंट के तहत पिछले 24 महीनों में भारत ने सेना (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) देशों में 35 मैच खेले हैं, जिनमें से कुलदीप सिर्फ 3 मुकाबलों में ही खेले.
बुधवार से शुरू होने वाली भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से पहले सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क की तरफ से आयोजित एक वर्चुअल बातचीत में राजू ने से कहा, “यह हैरान करने वाली बात है. हम सभी पूर्व क्रिकेटर हैं जो यहां बैठते हैं, कमेंट्री करते हैं और आपस में चर्चा करते हैं. जब आप कुलदीप को टीम में शामिल करते हैं तो फिर उसे खिलाते क्यों नहीं? हम सभी जानते हैं कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में रिस्ट-स्पिनर कितने अहम होते हैं, है ना? ऐसे में, जब वह तीनों फॉर्मेट की टीम में है लेकिन बेंच पर बैठा रहता है तो यह काफी हैरानी की बात है या तो आप उसे घरेलू क्रिकेट खेलने दें, क्योंकि कोई भी स्पिनर हो – चाहे वह रिस्ट-स्पिनर हो या बाएं हाथ का स्पिनर – वह जितने ज्यादा मैच खेलेगा, उसका अपनी गेंदबाजी पर उतना ही बेहतर कंट्रोल होगा.”
“आजकल हम देख रहे हैं कि न्यूजीलैंड के बल्लेबाज या भारत के खिलाफ खेलने वाले कोई भी बल्लेबाज खुलकर अटैक करते हैं, क्योंकि हमारे पास अब गेंदबाजी में ज्यादा विविधता नहीं है. खिलाड़ियों में हुनर तो है, लेकिन मौजूदा सेटअप में वेरिएशन की कमी है. इसलिए कुलदीप को ज्यादा से ज्यादा मौके दिए जाने चाहिए. हम अलग-अलग मीडियम-फास्ट गेंदबाजों को आजमा रहे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि उनमें अनुभव की कमी है. इसलिए अगर आप कुलदीप को चुनते हैं तो उसे खेलना चाहिए. हो सकता है कि हम कुछ मैच हार जाएं, लेकिन इंटरनेशनल मैचों में मुश्किल और दबाव वाली स्थितियों में गेंदबाजी करने के मामले में कुलदीप उन खिलाड़ियों में से एक हो सकते हैं जो खुद को उस स्थिति के हिसाब से ढाल सकते हैं, क्योंकि वह न तो घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं और न ही इंटरनेशनल क्रिकेट. एक स्पिनर के तौर पर मुझे बहुत हैरानी है कि उन्हें (कुलदीप को) टीम में शामिल नहीं किया गया और पांच टी20 मुकाबलों में एक भी मौका नहीं मिला, खासकर तब जब सीरीज पहले ही जीती जा चुकी थी.”
हेड कोच गौतम गंभीर के इस बयान पर कि वे यहां सबको खुश करने के लिए नहीं हैं, राजू ने कहा कि टीम मैनेजमेंट से किसी को खुश करने के लिए नहीं कहा जा रहा है, बल्कि उनसे यह उम्मीद की जा रही है कि वे मैच जिताने वाले खिलाड़ियों का पूरा इस्तेमाल करें. राष्ट्रीय चयनकर्ता रह चुके राजू ने सवाल उठाया कि कुलदीप को बिना कोई मैच खिलाए लगातार सभी फॉर्मेट्स में क्यों चुना जा रहा है.
“कभी-कभी हमें सच में हैरानी होती है. कुलदीप टीम में क्यों हैं? हम सभी जानते हैं कि वह कितने शानदार गेंदबाज हैं, लेकिन उन्हें शायद ही कभी खेलने का मौका मिलता है. उन्हें तीनों फॉर्मेट्स में चुना जाता है, लेकिन वे खेलते बहुत कम हैं जबकि एक रिस्ट स्पिनर टीम के लिए बहुत अहम भूमिका निभा सकता है. यह तो हम सभी जानते हैं. फिट रहने के लिए उन्हें ज्यादा मैच खेलने चाहिए. जहां तक अनुभव की बात है तो हमें विराट कोहली या रोहित शर्मा की चिंता करने की जरूरत नहीं है. जब तक वे फिट हैं, वे हमेशा टीम के लिए एक बड़ी संपत्ति हैं.”
वेंकटापति राजू मानते हैं कि अच्छी स्पिन गेंदबाजी की कमी के कारण भारत को स्कोर का बचाव करने में नुकसान उठाना पड़ा है, भले ही न्यूजीलैंड में टी20 सीरीज के दौरान टीम ने लक्ष्य का पीछा बहुत अच्छे से किया था.
उन्होंने कहा, “मेरे लिए चिंता का विषय ऑलराउंडर्स हैं. न्यूजीलैंड में टी20 सीरीज के दौरान हमने देखा कि हम लक्ष्य का पीछा करने में बहुत अच्छे थे, लेकिन हाल के समय में हम विपक्षी टीमों को बड़ा स्कोर बनाने से रोकने में नाकाम रहे हैं. जब हम बोर्ड पर कोई स्कोर खड़ा करते हैं, तो हम सामने वाली टीम को रोक नहीं पाते. ऐसा अच्छी गुणवत्ता वाले स्पिनर्स की कमी के कारण हो रहा है.”
टी20 सीरीज के ज्यादातर मैचों में महंगे साबित हुए अक्षर पटेल के बारे में पूछे जाने पर राजू ने कहा कि इस ऑलराउंडर को अपनी गेंदबाजी में विविधता वापस लाने की जरूरत है. साथ ही उन्हें दूसरे छोर से विकेट लेने वाले किसी साथी गेंदबाज का साथ भी नहीं मिल पा रहा है.
वेंकटापति राजू ने कहा, “अक्षर काफी समय से टीम का हिस्सा हैं और हमारे मुख्य ऑलराउंडर रहे हैं. टी20 क्रिकेट के बारे में तो कुछ पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता, लेकिन वनडे मुकाबलों में आपको कुछ अतिरिक्त ओवर भी डालने पड़ते हैं. वह टीम के लिए एक बहुत कीमती खिलाड़ी हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनकी गेंदबाजी से वे वेरिएशन थोड़े गायब दिख रहे हैं. उनके लिए जल्द से जल्द इन चीजों को ठीक करना जरूरी है, क्योंकि हम सभी जानते हैं कि वह कितनी अच्छी फील्डिंग करते हैं और बल्लेबाजी में भी सक्षम हैं. इसके अलावा अभी हमारे पास चहल या कुलदीप जैसी स्पिन जोड़ी नहीं है. जब वे टीम में होते थे तो वे अकेले दम पर मैच जिताने की क्षमता रखते थे लेकिन अभी अक्षर को वैसा सपोर्ट नहीं मिल रहा है.”
उन्होंने कहा, “जब टीम में अश्विन या कोई और स्पिनर होता था तो उनका संयोजन शानदार रहता था जैसे जडेजा और अश्विन की जोड़ी. अक्षर को भी मिडल ओवर्स में विकेट लेने वाले एक साथी गेंदबाज की जरूरत है, जिसकी अभी टीम में कमी है. अक्षर खुद भी जानते हैं कि वह किसी भी फॉर्मेट में टीम के लिए एक बहुत ही अहम और मुख्य खिलाड़ी हैं.”
उन्होंने कहा, “वह टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, खासकर तब जब हम ऑलराउंडरों पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं. इसके अलावा वाशिंगटन सुंदर जैसे कई खिलाड़ी चोटिल हैं और इंजरी लिस्ट में हैं. ऐसे में अक्षर को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और बेहतर प्रदर्शन करना होगा.”
वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के बाद से रवींद्र जडेजा को वनडे टीम में नहीं चुना गया है, जिसे देखकर ऐसा लगता है कि भारत अब उनसे आगे बढ़ चुका है. ऐसा ही लगता है, क्योंकि हमारे पास अक्षर पटेल हैं. अगर आप जडेजा और अक्षर के बीच समानताएं देखें, तो दोनों ही शानदार फील्डर हैं. दोनों ही बल्लेबाजी से योगदान दे सकते हैं लेकिन गेंदबाजी की बात करें तो अक्षर की गेंदबाजी में अब वह आक्रामकता थोड़ी कम दिखाई देती है, है ना?”
“वर्ल्ड कप 2011 को ही देख लीजिए, तब टीम में सचिन तेंदुलकर थे. उस समय लक्ष्मण जैसे खिलाड़ी 38-39 साल के हो रहे थे. उन्होंने एक-दो अनुभवी खिलाड़ियों को रखकर और साथ ही कई ऐसे युवा खिलाड़ियों को शामिल करके एक बेहतरीन फैसला लिया था, जिनके पास 75 से ज्यादा वनडे मैच खेलने का अनुभव था. इसलिए, मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि हमें ऐसे खिलाड़ियों को तलाशना होगा जो लगातार खेल सकें – ऐसे खिलाड़ी जो ज्यादा से ज्यादा मैच खेलें.”
राजू ने यह भी कहा कि रोहित और कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के अनुभव को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है. साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में 2 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से पहले, इन दोनों को ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने चाहिए.
उन्होंने कहा, “अगर आप देखें, तो टी20 में हमारे पास कभी बहुत ज्यादा ऑलराउंडर नहीं रहे, और हमारी गेंदबाजी लाइन-अप में भी ज्यादा अनुभव नहीं था, लेकिन अब जब वर्ल्ड कप आने वाला है, तो जाहिर है कि लोग विराट और रोहित के बारे में ही बात करेंगे. जब आप भारत के बाहर खेलते हैं, तो आपको काफी अनुभव की जरूरत होती है, और इन खिलाड़ियों के पास वह अनुभव है. आजकल वे केवल एक ही फॉर्मेट खेलते हैं. इसलिए, वर्ल्ड कप आने तक उन्हें ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने चाहिए. रोहित और कोहली के बारे में ज्यादा बात करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे लंबे समय से टीम का हिस्सा रहे हैं और दोनों ही मैच-विनर साबित हुए हैं.”
शुभमन गिल, केएल राहुल और अंशुल कंबोज भारत की टेस्ट टीम में शामिल हैं. दो मुकाबलों की सीरीज की तैयारियों के लिए उन्हें आखिरी दो वनडे मुकाबलों के लिए रिलीज कर दिया जाएगा. इससे आखिरी दो मैच जीतने की जिम्मेदारी रोहित, कोहली और उन खिलाड़ियों पर आ जाएगी जिन्होंने कम वनडे क्रिकेट खेला है. भारत इस साल इंग्लैंड में और पिछले साल ऑस्ट्रेलिया में वनडे सीरीज हार गया था. न्यूजीलैंड में भारत की आखिरी वनडे सीरीज जीत 2018/19 में आई थी.
राजू ने कहा कि भारत के तेज गेंदबाजों के विकल्प चोटों की वजह से प्रभावित हुए हैं, जबकि विरोधी टीमें लंबे और पिच पर जोर से गेंद पटकने वाले गेंदबाजों को मैदान में उतार रही हैं. उन्होंने कहा, “अगर आप आजकल सफेद गेंद (वनडे/टी20) खेलने वाली सभी टीमों को देखें – जैसे ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड – तो उनके पास काफी लंबे और पिच पर जोर से गेंद पटकने वाले गेंदबाज हैं. हम इस मामले में कहां पीछे हैं? क्योंकि जिन खिलाड़ियों में यह खूबी थी, उनमें से ज्यादातर चोटिल हैं. इसलिए सबसे अहम बात यह है कि आप उनके हिसाब से खुद को कैसे ढालते हैं. देखिए, हो सकता है कि हम कुछ मैच हार जाएं लेकिन वर्ल्ड कप से पहले, अगर आप अपनी चीजों और टीम कॉम्बिनेशन को सही कर लें, क्योंकि अभी हमारे पास स्पिनरों, तेज गेंदबाजों और ऑलराउंडर्स की कमी है और जो खिलाड़ी हैं भी, वे चोटिल हो रहे हैं. इसलिए सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं – मुझे लगता है कि गेंदबाजी हमारी मुख्य चिंता का विषय होगी. हो सकता है कि आप कुछ द्विपक्षीय सीरीज हार जाएं, लेकिन मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को एक सही संयोजन खोजना होगा. फिर कोशिश करें कि वर्ल्ड कप से पहले इन खिलाड़ियों का अच्छे से ध्यान रखा जाए.”
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