
शिमला, 11 जुलाई . हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली कॉलेज के पास स्थित बोथवेल इलाके में शनिवार तड़के हुए भीषण भूस्खलन से इलाके में दहशत फैल गई. इस हादसे के बाद कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं. हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है.
स्थानीय निवासी पूनम चटक ने बताया कि भूस्खलन सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच हुआ. लगातार चट्टानें गिर रही हैं, मिट्टी खिसक रही है और भूस्खलन अभी भी जारी है. यहां बने सभी घर खतरे में हैं. अब तक प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. हमने सभी को फोन किया, पुलिस को भी सूचना दी. पुलिस आई जरूर, लेकिन करीब पांच मिनट रुककर चली गई. अभी तक किसी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
एक अन्य स्थानीय निवासी ने भी बताया कि रात 3 से 4 बजे के बीच अचानक पहाड़ी से पत्थर और मिट्टी गिरनी शुरू हो गई, जिससे कई घरों पर खतरा मंडराने लगा. उनका कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुबह से ही उन्होंने पार्षद, विधायक और महापौर समेत जनप्रतिनिधियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया और न ही कोई मौके पर पहुंचा. उन्होंने जिला प्रशासन से तुरंत राहत पहुंचाने, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आगे किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है.
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम ने इलाके में एक निजी निर्माण परियोजना की अनुमति दी थी, जिसके तहत पहाड़ी की बड़े पैमाने पर खुदाई की गई.
28 जून 2025 को भी इसी स्थान पर बड़ा भूस्खलन हुआ था. उस समय भारी मलबा और बड़ी-बड़ी चट्टानें रिहायशी मकानों पर गिर गई थीं, जिससे कई महिलाएं और बच्चे मलबे में फंस गए थे. इस बार भी लोगों को उसी तरह की घटना दोबारा होने का डर सता रहा है.
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वीकेयू/एएस