
मुंबई, 29 जून . महाराष्ट्र में मानसून की पहली तेज बारिश ने मुंबई महानगर क्षेत्र की रफ्तार थाम दी. रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश से भिवंडी, नवी मुंबई और मुंबई के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं. निचले इलाकों, बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
भिवंडी शहर के आमपाड़ा, खांडूपाड़ा, तीन बत्ती, भाजी मार्केट, निजामपुरा और वंजारपट्टी समेत कई इलाकों में घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया. प्रमुख बाजारों में जलभराव के कारण कई दुकानों में बारिश का पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को सामान बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी. कई मोहल्लों और गलियों में भी पानी भरने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया.
बारिश के दौरान जलभराव की वजह से कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच सड़क पर बंद हो गए. वाहन चालकों को अपनी गाड़ियों को धक्का देकर सुरक्षित स्थान तक ले जाना पड़ा. कई प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे लोगों को घंटों तक परेशान होना पड़ा. सबसे खराब स्थिति भिवंडी में देखने को मिली, जहां महज एक घंटे की तेज बारिश ने महानगरपालिका की मानसून तैयारियों की पोल खोल दी.
प्रभुअली इलाके में भारी बारिश के कारण एक इमारत की सुरक्षा दीवार गिर गई. हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. वहीं शांतिनगर क्षेत्र में कई घरों में पानी घुस गया, जिससे स्थानीय लोगों को नुकसान उठाना पड़ा. बारिश रुकने के बाद अधिकांश इलाकों से पानी निकल गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की सफाई के दावों के बावजूद थोड़ी देर की बारिश में ही शहर पानी-पानी हो गया.
इस बीच मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और आसपास के जिलों में अगले 24 घंटों तक रुक-रुक कर तेज बारिश की संभावना जताई है. सोमवार को सप्ताह का पहला कामकाजी दिन होने के कारण जलभराव और ट्रैफिक जाम से लाखों लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है. साथ ही संबंधित एजेंसियों को जलनिकासी व्यवस्था पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.
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एसएके/एएस