
हैदराबाद, 6 अगस्त . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता कोम्पेला माधवी लता ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए हालिया बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी चिंता मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के पाठ्यक्रम और उनके भविष्य को लेकर है.
को दिए एक विशेष साक्षात्कार में माधवी लता ने कहा कि कुछ मदरसों में बच्चों को मुख्यधारा के समाज से अलग-थलग रखा जाता है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मदरसों में बच्चों को क्या पढ़ाया जाता है और वहां किस तरह की सोच विकसित की जाती है, इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है.
भाजपा नेता ने दावा किया कि कुछ मदरसों में बच्चों के मन में राष्ट्र के प्रति विरोध और दूसरे समुदायों के प्रति दूरी की भावना पैदा की जाती है. उनका आरोप था कि कम उम्र से ही बच्चों के मन में यह विचार डाला जाता है कि पड़ोस में रहने वाला हिंदू बच्चा उनका भाई नहीं, बल्कि दुश्मन है.
माधवी लता ने यह भी कहा कि ऐसे बच्चों को अंग्रेजी शिक्षा और आधुनिक शिक्षा से वंचित रखा जाता है, जिससे उनके लिए आगे चलकर रोजगार के अवसर सीमित हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि यह बच्चों के साथ अन्याय है और उनकी सोच तथा भविष्य दोनों पर इसका असर पड़ता है.
उन्होंने कहा कि यह केवल किसी बयान का समर्थन करने का विषय नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार का मुद्दा है. उनके अनुसार, मदरसों में अंग्रेजी शिक्षा शुरू की जानी चाहिए ताकि बच्चे दुनिया से जुड़ सकें और उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें.
माधवी लता ने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित की जानी चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ का गायन कराया जाए तथा बच्चों को ‘भारत माता की जय’ बोलना भी सिखाया जाए.
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डीएससी