
भोपाल, 5 सितंबर . मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का दौर जारी है और नदी नाले भी उफान पर हैं. बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान भी हुआ है, मगर राहत और बचाव दलों ने मुसीबत में घिरे 3000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की है.
सीएम मोहन यादव ने भोपाल स्थित होमगार्ड कार्यालय के एसडीआरएफ स्टेट कमांड सेंटर पहुंचकर प्रदेश में अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने विभिन्न जिलों में बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों, प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन की तैयारियों की जानकारी ली.
उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात टीमों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करे तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत एवं बचाव पहुंचाया जाए. साथ ही, उन्होंने प्रदेशवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में कमोवेश पूरे क्षेत्र में बारिश का दौर बना हुआ है. पश्चिम मध्य प्रदेश को छोड़कर अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है. इसके मद्देनजर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं. बीते एक माह में आपदा प्रबंधन टीमों की मदद से 2,783 से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया है.
उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल आगामी दो-चार दिनों में किसी बड़ी चुनौती की स्थिति नहीं है, लेकिन अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की गई हैं. इसी का परिणाम है कि अब तक जानमाल की कोई विशेष हानि नहीं हुई है. पुलिस बल ने भी पूरी दक्षता और मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है. आगामी दिनों में बारिश के संभावित प्रभाव को देखते हुए हम लगातार सतर्क हैं और व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए प्रदेशवासियों की सुरक्षा कायम रखी जा सके.
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एसएनपी/डीकेपी