महाराष्ट्र को नर्मदा नदी से 10 टीएमसी पानी मिलेगा: सीएम देवेंद्र फडणवीस

नई दिल्ली, 7 जुलाई . महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को घोषणा की कि पानी को लेकर 20 साल पुराना विवाद आखिरकार सुलझ गया है, क्योंकि महाराष्ट्र को 10 टीएमसी (हजार मिलियन क्यूबिक फीट) पानी मिलने का रास्ता साफ हो गया है.

इस आवंटित हिस्से में से 5 टीएमसी पानी सीधे उकाई बांध से लेने के बारे में भी एक सकारात्मक फैसला लिया गया. यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की बैठक में लिया गया.

बैठक के मुख्य नतीजों के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए फडणवीस ने बताया कि नर्मदा परियोजना पूरी होने के बाद महाराष्ट्र को सिर्फ बिजली मिली थी, जबकि पानी का उसका 10 टीएमसी का वाजिब हिस्सा आवंटित नहीं किया गया था. आज की बैठक में इस लंबे समय से चली आ रही शिकायत का सफलतापूर्वक समाधान किया गया.

इसके अलावा, बकाया फंड और दूसरे अनसुलझे मुद्दों पर सकारात्मक फैसले लिए गए. अब महाराष्ट्र पर सिर्फ 27 करोड़ रुपए का बकाया है और पहले मांगी गई बाकी रकम माफ कर दी गई है.

पुनर्वास का काम पूरा होने के बावजूद, प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद से महाराष्ट्र को पानी की एक बूंद भी नहीं मिली है.

फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र ने नर्मदा-तापी डाइवर्जन स्कीम के जरिए 5 टीएमसी पानी और उकाई प्रोजेक्ट से बाकी 5 टीएमसी पानी की मांग की थी. इस मांग पर एक उत्साहजनक फैसले के साथ बैठक खत्म हुई. गुजरात इस बात पर सहमत हो गया है कि महाराष्ट्र मॉनसून के मौसम में, जब उकाई बांध भरा हो, यह पानी ले सकता है.

उन्होंने अमित शाह, जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और गुजरात के मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार अभी उकाई बांध से पानी लाने के लिए एक व्यवस्थित योजना तैयार कर रही है, जिससे उत्तरी महाराष्ट्र के जिलों को बहुत लाभ होगा.

इसके अलावा, फडणवीस ने महाराष्ट्र के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर हुई एक समीक्षा बैठक की जानकारी दी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने की थी.

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद किया कि उन्होंने देश की कुल कुसुम (किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना के फंड का 51 प्रतिशत हिस्सा महाराष्ट्र को दिया, जो भारत के किसी भी राज्य के लिए सबसे ज़्यादा आवंटन है. महाराष्ट्र ने संशोधित कुसुम योजना के तहत लगातार और बेहतर सहयोग का अनुरोध किया है.

इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र से ‘पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’ के तहत और भी बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने का आग्रह किया. राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जरूरी सुधार किए जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार भविष्य में भी महाराष्ट्र को जरूरी फंडिंग और तकनीकी सहायता देती रहेगी.

पीएसके/डीकेपी