‘महिला समृद्धि योजना’ नारी शक्ति को लाभ देने नहीं, बल्कि बाहर रखने के लिए बनी है : अनुराग ढांडा

नई दिल्ली, 29 जुलाई . आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने बुधवार को दिल्ली सरकार को घेरते हुए कई आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि महिला समृद्धि योजना नारी शक्ति को लाभ पहुंचाने के बजाय उन्हें योजना से बाहर रखने के उद्देश्य से बनाई गई है. दूसरी ओर, ‘आप’ नेता ने दिल्ली में जलभराव को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.

अनुराग ढांडा ने से खास बातचीत में महिला समृद्धि योजना को लेकर कहा कि भाजपा पूरी तरह भ्रम की स्थिति में है. उसे खुद नहीं पता कि उसे कौन-सी नीति अपनानी है. एक तरफ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कह रही हैं कि जिन परिवारों में तीन बच्चे हैं, उन्हें महिला सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा, जबकि दूसरी ओर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत हिंदुओं को तीन से अधिक बच्चे पैदा करने की बात करते हैं. भाजपा और आरएसएस को पहले आपस में तय करना चाहिए कि उनकी नीति क्या है. योजना में ऐसी कई शर्तें रखी गई हैं, जिनके कारण बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं भी लाभ से वंचित हो जाएंगी.

उन्होंने बिजली मुद्दे पर कहा कि यदि कोई परिवार सालभर में 2,400 यूनिट यानी औसतन 200 यूनिट प्रतिमाह बिजली खर्च करता है तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा. दिल्ली के अधिकांश परिवार इस सीमा तक बिजली का उपयोग करते हैं, इसलिए यह शर्त योजना को प्रभावी बनाने के बजाय लाभार्थियों की संख्या कम करने का माध्यम बन जाएगी. पिछले डेढ़ वर्ष में सरकार ने ऐसी शर्तों की सूची तैयार की है, जिनका उद्देश्य महिलाओं को योजना से बाहर करना है.

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर उठे विवाद पर अनुराग ढांडा ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर अनावश्यक हंगामा किया जा रहा है. भाजपा के भीतर मंत्री बनने के लिए कुछ विशेष प्रकार की सोच और व्यवहार को महत्व दिया जाता है. यदि भाजपा को राहुल गांधी की टिप्पणी पर आपत्ति है तो उसे पहले अपनी राजनीतिक कार्यप्रणाली और विचारधारा पर आत्ममंथन करना चाहिए. भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों के बजाय अलग प्रकार की राजनीतिक संस्कृति को बढ़ावा देती है.

सीजेपी द्वारा नए विरोध प्रदर्शन की चेतावनी पर आप नेता ने कहा कि उनका निर्णय उचित है और उनकी पार्टी इसका समर्थन करेगी. यदि छात्रों और प्रदर्शनकारियों को फिर से सड़कों पर उतरने की नौबत आ रही है, तो इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है. केंद्र सरकार ने पहले ही सार्वजनिक रूप से कहा था कि प्रदर्शनकारियों के साथ समझौता हो गया है, उनके खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा और पहले से दर्ज एफआईआर भी वापस ली जाएंगी. लेकिन, जब मामले की सुनवाई Supreme Court में हुई, तो सरकार की ओर से अदालत के समक्ष इस समझौते का उल्लेख नहीं किया गया. अदालत तथ्यों के आधार पर निर्णय देती है और यदि सरकार सभी तथ्य न्यायालय के सामने नहीं रखेगी, तो फैसलों की दिशा भी प्रभावित होगी.

दिल्ली में हालिया बारिश के बाद जलभराव की स्थिति को लेकर अनुराग ढांडा ने दिल्ली सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि केवल मिंटो ब्रिज पर पानी निकालने की व्यवस्था को उपलब्धि बताने से पूरी दिल्ली की समस्या का समाधान नहीं हो जाता. कनॉट प्लेस, अशोक विहार, उत्तर दिल्ली समेत कई इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला. बसों के भीतर तक पानी भर गया, यात्रियों को सीटों पर पैर ऊपर करके बैठना पड़ा और कई मेट्रो स्टेशनों में भी पानी घुस गया, जो गंभीर प्रशासनिक विफलता का संकेत है.

ढांडा ने आरोप लगाया कि नालों की सफाई और डी-सिल्टिंग के लिए आवंटित बजट का सही उपयोग नहीं किया गया. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि मिंटो ब्रिज पर पानी निकालना ही सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है, तो उस क्षेत्र को अलग राज्य घोषित कर दिया जाए और प्रवेश वर्मा उसके मुख्यमंत्री बन जाएं, जबकि बाकी दिल्ली की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता संभालें.

पीएसके/एबीएम