रोडरेज में हत्या के मुख्य आरोपी को पुलिस मुठभेड़ में किया गया गिरफ्तार

पटना, 30 अप्रैल . बिहार के सीवान में एक सनसनीखेज रोड रेज (सड़क पर झगड़े) की घटना के एक दिन बाद, जिसमें एक युवक की जान चली गई थी और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था, पुलिस ने गुरुवार तड़के हुई एक मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी छोटू यादव को गिरफ्तार कर लिया है.

तेजी से कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी की पहचान कर ली. आरोपी की पहचान छोटू कुमार यादव के रूप में हुई है (वीर यादव का बेटा और हुसैनगंज पुलिस थाना क्षेत्र के हथौरा गांव का निवासी) को देर रात चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान ढूंढ निकाला गया.

टाउन पुलिस स्टेशन के एसएचओ अविनाश कुमार के अनुसार, जब अधिकारियों ने उसे सुबह करीब 3.00 बजे पकड़ने की कोशिश की, तो आरोपी ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर गोली चला दी. जवाबी कार्रवाई में, पुलिस ने भी गोली चलाई, जिससे उसके दोनों पैरों में चोट लग गई. वह मौके पर ही गिर पड़ा और उसे हिरासत में ले लिया गया.

घायल आरोपी का फिलहाल एक सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसे बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेफर कर दिया गया है. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उसकी हालत स्थिर है. गौरतलब है कि मुठभेड़ के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ.

एसपी पूरन कुमार झा, एसडीपीओ अजय कुमार और टाउन पुलिस स्टेशन के प्रभारी अविनाश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया है और जांच तेज कर दी है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

पुलिस ने कहा है कि हालांकि छोटू यादव मुख्य आरोपी है, लेकिन अपराध में शामिल अन्य व्यक्तियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं.

यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है कि सभी दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए.

इस घटनाक्रम पर बोलते हुए, टाउन पुलिस स्टेशन के प्रभारी अविनाश कुमार ने कहा कि गहन जांच चल रही है. घटना के पीछे के मकसद की जांच की जा रही है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है. भाजपा नेता मनोज सिंह के परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं.

बुधवार शाम को, सीवान में लक्ष्मीपुर-आंदर ढाला ओवरब्रिज के पास सड़क पर हुआ एक छोटा सा विवाद जानलेवा बन गया. भाजपा नेता मनोज सिंह के भतीजे हर्ष कुमार सिंह (28) की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उनके साले चंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए. पीड़ित एक तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे, तभी कथित तौर पर एक तेज रफ़्तार कार ने उनके खड़े वाहन को टक्कर मार दी.

जो बात महज कहा-सुनी से शुरू हुई थी, वह कुछ ही पलों में बढ़ गई, जिसके बाद आरोपियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी.

डीकेएम/पीएम