
इंफाल, 13 सितंबर . मणिपुर सरकार ने रविवार को सिविल सोसाइटी संगठनों (सीएसओ) से आग्रह किया कि वे राज्य में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) को अपडेट करने की अपनी मांग को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों को वापस ले लें, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के दफ्तरों को बंद करना भी शामिल है.
राज्य सरकार के प्रवक्ता थोकचोम राधेश्याम सिंह और सपम रंजन सिंह, जो दोनों ही सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं, ने कहा कि ‘कैंपेन फॉर जस्टिस एंड फेयर डेलिमिटेशन’ (सीजेएफडी) जैसे नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) के विरोध प्रदर्शनों के तहत केंद्र और राज्य सरकार के दफ्तर बंद होने से आम जनता को परेशानी और दिक्कत हो रही है.
उन्होंने सभी संबंधित लोगों से अपील की कि वे जनता की परेशानियों और दिक्कतों को और न बढ़ाएं.
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राधेश्याम सिंह ने कहा कि राज्य सरकार सीजेएफडी की मांग से पूरी तरह वाकिफ है और मणिपुर के लोग भी चाहते हैं कि 2027 की जनगणना से पहले एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स) का काम पूरा हो.
उन्होंने कहा कि मणिपुर विधानसभा के हालिया सत्र में 2027 की जनगणना से पहले एनआरसी को अपडेट करने के अपने पुराने प्रस्ताव को फिर से दोहराया गया और मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस बारे में केंद्र सरकार को जानकारी दे दी है.
राधेश्याम सिंह ने आगे कहा कि हाल ही में खत्म हुए विधानसभा सत्र के आखिरी दिन सदन में एनआरसी के लिए 1951 को आधार वर्ष (बेस ईयर) मानने पर चर्चा हुई थी और यह मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय तक पहुंचा दिया गया है.
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में मणिपुर विधानसभा के सदस्यों के अभियान के बाद मुख्यमंत्री ने भी लोगों की इच्छा के बारे में केंद्रीय नेताओं को बताया.
प्रवक्ता ने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनगणना की प्रक्रिया को भी टाल दिया है.
इस पृष्ठभूमि में सीजेएफडी ने सरकारी दफ्तरों को बंद करने का आह्वान करके अपना आंदोलन तेज कर दिया है.
उन्होंने कहा कि इस तरह के आंदोलन से कई अवांछित घटनाएं हो सकती हैं और राज्य सरकार के कामकाज पर असर पड़ सकता है.
राधेश्याम सिंह ने सीजेएफडी से आंदोलन को तेज न करने की अपील की और संगठनों से यह भी आग्रह किया कि वे ऐसी गतिविधियां लंबे समय तक न चलाएं, क्योंकि राज्य में लंबे समय तक चलने वाले आंदोलन से लोगों को और अधिक परेशानी हो सकती है.
उन्होंने जनता के सभी वर्गों से अपील की कि वे ‘मणिपुर में शांति को मौका दें’ और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए मौजूदा सरकार के प्रयासों का समर्थन करें. प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ताओं ने यह भी साफ किया कि राज्य के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह और कुछ अन्य विधायक एनआरसी, 1951 को अपडेट करने के मामले में केंद्र पर दबाव बनाने के लिए पिछले कुछ दिनों से नई दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं.
उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि केंद्र सरकार राज्य के लोगों की इच्छा के अनुसार कदम उठाएगी.
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एससीएच/डीकेपी