
नई दिल्ली, 26 सितंबर . कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर याद किया और भारत की आर्थिक प्रगति तथा राष्ट्र-निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “हम भारत के राष्ट्र-निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के असाधारण योगदान को गहरे सम्मान के साथ याद करते हैं. एक दूरदर्शी राजनेता के तौर पर, उनके ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों ने भारत की विकास की दिशा बदल दी, नए अवसर पैदा किए और लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद की.”
उन्होंने कहा, “उनकी विनम्रता, ईमानदारी और समझदारी उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान रही. उन्होंने शालीनता और संवेदना के साथ नेतृत्व किया और समावेशी विकास तथा सबसे कमजोर वर्गों के कल्याण को शासन के केंद्र में रखा. उनकी सरकार का अधिकार-आधारित ढांचा इस सोच का एक स्थायी प्रमाण है.”
खड़गे ने आगे कहा, “उनकी जयंती पर, हम एक ऐसे राजनेता को दिल से श्रद्धांजलि देते हैं, जिनकी ईमानदार जन-सेवा, समावेशी विकास और बड़े बदलाव लाने वाले सुधारों की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.”
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने एक्स पोस्ट में कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर याद करते हुए. एक जाने-माने अर्थशास्त्री, विद्वान और राजनेता के तौर पर, उन्होंने सार्वजनिक जीवन में बुद्धिमानी, विनम्रता और ईमानदारी का परिचय दिया. भारत को एक ऐतिहासिक आर्थिक बदलाव की ओर ले जाने से लेकर एक दशक तक प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने तक, देश के लिए उनका योगदान एक मजबूत और समावेशी भारत बनाने के शांत संकल्प से प्रेरित था. उनके जीवन और सेवा को हमेशा गहरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा.”
उन्होंने कहा, “बेंगलुरु और कर्नाटक के लिए उनके योगदान को हमेशा कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा. बेंगलुरु मेट्रो की आधारशिला रखते समय उन्होंने कर्नाटक की तरक्की के साथ-साथ बेंगलुरु के विकास के लिए काम करने की ज़रूरत पर जोर दिया था, क्योंकि वे समझते थे कि दोनों एक-दूसरे से अलग नहीं हो सकते. उनकी दूरदर्शिता, समझदारी और जन-सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हमें एक मजबूत कर्नाटक और ज्यादा समृद्ध भारत बनाने की कोशिशों में प्रेरित करती रहती है.”
कांग्रेस पार्टी ने भी डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर याद किया और कहा, “हम पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हैं. एक जाने-माने अर्थशास्त्री और राजनेता के तौर पर उनकी विनम्रता, ईमानदारी और जन-सेवा के प्रति समर्पण ने उनके शानदार सफर को खास बनाया. भारत की आर्थिक प्रगति और विकास में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा.”
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक्स पर लिखा, “देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवं वंदन. दूरदृष्टि और आर्थिक समझ से उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति दी और विकास को व्यापक जनहित से जोड़ा. गरीब, दलित, वंचित और कमजोर तबकों के जीवन में अवसर बढ़ाना उनके आर्थिक दृष्टिकोण का अहम हिस्सा रहा. राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा.”
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक्स पोस्ट में कहा, “भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व.डॉ.मनमोहन सिंह की जयंती पर उन्हें सादर नमन. देश को आर्थिक शक्ति बनाने में अतुलनीय योगदान देने के लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा. उनकी विद्वता, सौम्यता एवं सरलता सभी के लिए प्रेरणादायक है.”
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारत की आर्थिक प्रगति के सशक्त स्तम्भ, दूरदर्शी, मृदुल व संसदीय आचरण के उच्च मानक स्थापित करने वाले प्रख्यात अर्थशास्त्री और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी ने देश को ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों के दौर से सफलतापूर्वक नेतृत्व प्रदान किया. समावेशी विकास की उनकी दृष्टि और उनकी अटूट राजनीतिक ईमानदारी ने 21वीं सदी में भारत के एक स्वर्णिम युग की नींव रखी. आज उनकी जयंती पर हम उनके अमूल्य योगदान और विरासत को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.”
डॉ. मनमोहन सिंह का नाम भारतीय इतिहास में एक ऐसे अर्थशास्त्री के तौर पर हमेशा याद किया जाएगा जिन्होंने देश की आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव रखी. 1991 में वित्त मंत्री के तौर पर डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा शुरू किए गए आर्थिक सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था में अहम बदलावों का रास्ता तैयार किया.
2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, डॉ. मनमोहन सिंह ने भारत के लोगों के अधिकारों और अवसरों को बढ़ाने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, सूचना का अधिकार अधिनियम और शिक्षा का अधिकार अधिनियम जैसे अहम कानून और कार्यक्रम लागू किए.
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ओपी/एएस