
मुंबई, 1 जुलाई . भारतीय रंगमंच और सिनेमा की दिग्गज हस्ती विजया मेहता के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि विजया मेहता भारतीय संस्कृति और सिनेमा की सबसे महान हस्तियों में हमेशा याद की जाएंगी. आधुनिक मराठी रंगमंच की अग्रणी हस्ती के रूप में विजया मेहता अपनी रचनात्मकता और कला के प्रति समर्पण के लिए जानी जाती थीं. उनके काम ने कई पीढ़ियों के कलाकारों, निर्देशकों और रंगमंच प्रेमियों को प्रेरित किया. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, प्रशंसकों और पूरे कला जगत के साथ हैं.
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया. उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए कहा कि विजया मेहता ने अपने नाटकों और फिल्मों के माध्यम से मराठी रंगमंच और सिनेमा को अमूल्य योगदान दिया. उनके नाटकों ने मराठी थिएटर में एक नई क्रांति लाई और अनेक महान कलाकारों को आगे बढ़ने का अवसर दिया. उनका निधन मराठी रंगमंच और फिल्म जगत के लिए अपूरणीय क्षति है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए कहा कि विजया मेहता के निधन की खबर बेहद दुखद है. उन्होंने अभिनय से अपनी पहचान बनाई और बाद में कई यादगार नाटकों का निर्देशन किया. उन्होंने अनेक प्रतिभाशाली रंगकर्मियों को तैयार किया और फिल्मों में निभाए गए उनके किरदार भी हमेशा याद किए जाएंगे. उनके निधन के साथ एक पूरा कलात्मक दौर इतिहास के पर्दे के पीछे चला गया.
वहीं, डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि विजया मेहता ने निर्देशन और रंगमंच निर्माण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई और मराठी थिएटर को नई दिशा दी. उन्होंने कई उत्कृष्ट नाटकों का निर्माण किया और उभरते कलाकारों को मंच देकर उन्हें आगे बढ़ाया. फिल्मों में भी उनके सशक्त अभिनय ने अलग छाप छोड़ी. उन्होंने कहा कि विजया मेहता का काम हमेशा मराठी कला जगत के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा. उनके निधन के साथ एक सशक्त कलात्मक युग का अंत हो गया है.
बता दें कि विजया मेहता का जन्म 4 नवंबर 1934 को हुआ था. वह भारत की प्रसिद्ध थिएटर और फिल्म निर्देशक, अभिनेत्री तथा निर्माता थीं. कला जगत में उन्हें प्यार से “बाई” कहकर पुकारा जाता था. उन्होंने आधुनिक भारतीय रंगमंच को नई पहचान देने में अहम भूमिका निभाई और प्रदर्शन कला की दिशा बदलने वाली अग्रणी हस्तियों में शामिल रहीं.
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वीकेयू/पीएम