
शिलांग, 2 मई . मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने शनिवार को पूर्वी खासी हिल्स जिले के मदनराइटिंग क्षेत्र के डोरबार श्नोंग की सामुदायिक पहलों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग के लोगों के योगदान को सम्मान देने से सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है.
मेघालय में डोरबार श्नोंग एक पारंपरिक गांव या स्थानीय परिषद होती है, जो खासी और जयंतिया समुदायों के बीच सामुदायिक प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
रंगबह श्नोंग (मुखिया) के नेतृत्व में यह संस्था स्थानीय प्रशासन, छोटे विवादों के समाधान, सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव, जनकल्याण कार्यों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के संरक्षण का कार्य करती है.
हालांकि यह नगर परिषद या पंचायत जैसी संवैधानिक संस्था नहीं है, फिर भी डोरबार श्नोंग जमीनी स्तर पर प्रभावशाली संस्था मानी जाती है और नागरिक तथा विकास कार्यों में सरकार के साथ मिलकर काम करती है.
शिलांग के सेंट पीटर्स सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों के लिए एंबुलेंस और शव वाहन खरीदने पर डोरबार श्नोंग की प्रशंसा की. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दोनों वाहनों का उद्घाटन भी किया.
संगमा ने कहा, “यह देखकर बेहद खुशी होती है कि डोरबार श्नोंग ने क्षेत्र के लोगों के लिए इतनी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं. इससे बीमार या घायल लोगों के परिवहन में मदद मिलेगी और मृतकों को सम्मानजनक व सुरक्षित तरीके से ले जाया जा सकेगा.”
उन्होंने कहा कि उपलब्धियों को कभी छोटा या बड़ा मानकर नहीं आंकना चाहिए. लोगों के प्रयासों को पहचानना और उनका सम्मान करना समाज पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है.
मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्रों, कोविड योद्धाओं, पुलिसकर्मियों, सफाई कर्मचारियों, आशा कार्यकर्ताओं, खेल प्रतिभाओं और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान को सराहनीय पहल बताया.
डोरबार श्नोंग द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर प्रतिक्रिया देते हुए संगमा ने मदनराइटिंग खेल मैदान के सुधार, नवीनीकरण और निर्माण कार्यों के साथ-साथ सामुदायिक भवन के लिए रिटेनिंग वॉल बनाने में सहयोग का आश्वासन दिया.
उन्होंने ‘माई सिटी कैंपेन’ के तहत स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी वादा किया.
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक और संगीत गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भाग लेने वाले स्कूलों को मुख्यमंत्री विशेष अनुदान से 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की.
इस अवसर पर मेघालय राज्य विधि आयोग के सह-अध्यक्ष लैम्बोर मलनियांग, पूर्व राज्यसभा सांसद वानसुक सिएम, डोरबार श्नोंग के सदस्य, स्थानीय निवासी, छात्र और शिक्षक भी मौजूद रहे.
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डीएससी