
ग्रेटर नोएडा, 13 अगस्त . नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच मुंबई एटीएस और ग्रेटर नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. दोनों की संयुक्त कार्रवाई में जांच एजेंसियों ने ग्रेटर नोएडा के कासना थाना क्षेत्र के ओमिक्रॉन सेक्टर स्थित एक फ्लैट से दो नाइजीरियाई महिलाओं को गिरफ्तार किया है. दोनों के कब्जे से करीब 2,688 ग्राम मेथामफेटामाइन और ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला रॉ मैटेरियल बरामद किया गया है.
बरामद मेथामफेटामाइन की अनुमानित कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 5.40 करोड़ रुपए बताई जा रही है. गिरफ्तार महिलाओं की पहचान 32 वर्षीय डेबायो अबोसेडे ओमोवुमी और 33 वर्षीय एंजल ओसास जुलिक्ट के रूप में हुई है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों महिलाएं करीब दो महीने से ओमिक्रॉन सेक्टर के एक फ्लैट में रह रही थीं. जिस महिला ने यह फ्लैट किराए पर लिया था, वह फिलहाल फरार बताई जा रही है.
मुंबई एटीएस की टीम उसकी तलाश में जुटी है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुंबई में ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान एटीएस ने बांद्रा ईस्ट इलाके में छापेमारी कर करीब 2,050 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद की थी. इसकी अनुमानित कीमत करीब चार करोड़ आंकी गई थी. इस मामले में पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर एटीएस की टीम ग्रेटर नोएडा पहुंची.
इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से कासना क्षेत्र के ओमिक्रॉन सेक्टर स्थित फ्लैट को चिन्हित किया गया और वहां छापेमारी की गई. कार्रवाई के दौरान दोनों नाइजीरियाई महिलाओं को गिरफ्तार किया गया. तलाशी में बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन के साथ रॉ मैटेरियल बरामद होने के बाद जांच एजेंसियों ने मौके पर मौजूद संदिग्ध स्थान की भी गहन जांच की.
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ओमिक्रॉन सेक्टर के फ्लैट में बरामद रॉ मैटेरियल की मदद से ड्रग तैयार की जाती थी या फिर दूसरे स्थान से मेथामफेटामाइन लाकर यहां से उसकी सप्लाई की जाती थी. पुलिस और एटीएस इस पूरे मामले को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जोड़कर भी जांच कर रही हैं. पुलिस ने मौके पर जांच करने के बाद संबंधित फैक्टरी/स्थान को सील कर दिया है.
जांच टीम यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वहां किसी तरह की ड्रग मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि संचालित हो रही थी या नहीं. इसके लिए मौके से बरामद सामग्री और अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए भेजा जा रहा है. गिरफ्तार दोनों महिलाओं के मोबाइल फोन भी जांच एजेंसी के लिए अहम कड़ी माने जा रहे हैं. एटीएस और पुलिस मोबाइल फोन में मौजूद कॉल डिटेल, संपर्क नंबर, मैसेज और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच कर रही हैं.
इसके जरिए ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा. पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों गिरफ्तार महिलाओं को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया गया है, जहां मुंबई में दर्ज मामले और ग्रेटर नोएडा से मिले सुरागों को जोड़कर आगे की जांच की जाएगी. एजेंसियों को उम्मीद है कि दोनों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों के नाम सामने आ सकते हैं.
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पीकेटी/वीसी