मिडिल ईस्ट संकट लंबा खिंचने का खतरा, सप्लाई बाधित रहने से मंदी की आशंका: सिंगापुर पीएम

सिंगापुर, 1 मई . सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि मिडिल ईस्ट संकट से पैदा हुई सप्लाई बाधाएं आने वाले कई महीनों तक जारी रह सकती हैं. साथ ही, स्थिति और भी गंभीर हो सकती हैं, जिससे कई अर्थव्यवस्थाओं के मंदी की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है.

मे डे रैली को संबोधित करते हुए वोंग ने कहा, “वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ेगी, जो पहले ऊर्जा से खाद्य वस्तुओं तक और फिर अन्य जरूरी सामानों तक पहुंचेगी. कुछ अर्थव्यवस्थाएं मंदी में जा सकती हैं और इसका सीधा असर सिंगापुर पर पड़ेगा.”

उन्होंने कहा कि भले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दोबारा खुल जाए, फिर भी यह मान लेना सही नहीं होगा कि संकट जल्द खत्म हो जाएगा. बंदरगाहों और ऊर्जा ढांचे को हुए नुकसान, समुद्री मार्गों से बारूदी सुरंगें हटाने और व्यापारिक भरोसा बहाल करने में समय लगेगा.

वोंग ने कहा, “स्थिति सामान्य होने में कम से कम कई महीने लगेंगे.”

उन्होंने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट दो महीने से अधिक समय से बंद है, जिसके असर के रूप में कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई में सख्ती पहले ही दिखाई देने लगी है. एशिया इस संकट से ज्यादा प्रभावित हुआ है, क्योंकि क्षेत्र की कई अर्थव्यवस्थाएं खाड़ी देशों से ऊर्जा और जरूरी आयात पर निर्भर हैं.

उन्होंने कहा, “हमारे क्षेत्र के कुछ देशों में ईंधन की कमी शुरू हो चुकी है. एयरलाइंस उड़ानें घटा रही हैं और फैक्ट्रियों में देरी की शिकायतें आ रही हैं.”

वोंग ने चेताया कि संकट केवल ऊर्जा तक सीमित नहीं रहेगा. उर्वरक, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी कच्चे माल की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है.

उन्होंने कहा कि इस साल सिंगापुर की आर्थिक वृद्धि धीमी रहेगी, जबकि महंगाई बढ़ेगी, जिससे कारोबार, कामगारों और परिवारों पर वास्तविक दबाव पड़ेगा.

वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी कहा कि मिडिल ईस्ट संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है और अब शांति की राह खोलने के लिए संवाद की जरूरत है.

गुटेरेस ने एक्स पर लिखा, “हर गुजरते घंटे के साथ मिडिल ईस्ट संकट के परिणाम और भी गंभीर होते जा रहे हैं. अब बातचीत, समाधान और शांति की दिशा में कदम उठाने का समय है.”

डीएससी