
कोलकाता, 27 सितंबर . पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीएमसी) के विधायक कुणाल घोष की कार पर हुए हमले में भाजपा की भूमिका से साफ इनकार किया है. साथ ही, दिलीप घोष ने एआईटीएमसी विधायक पर भी सवाल उठाए हैं.
मंत्री दिलीप घोष ने न्यूटाउन में रविवार को मीडिया से बात करते हुए विधायक कुणाल घोष की कार पर हुए हमले को लेकर कहा, “जनसभा शाम को थी, और वे सुबह यात्रा कर रहे थे. वे क्यों जा रहे थे, कहां जा रहे थे और पत्थर किसने फेंके? इसमें भाजपा की कोई भूमिका नहीं है.”
कुणाल घोष के पुलिस पर आरोपों को लेकर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “उन्होंने कई जनसभाएं कीं और भाषण दिए. किसी ने उन्हें नहीं रोका. वे ऐसे दावे इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि उनके साथ लोग नहीं हैं और उनकी सभाएं नहीं हो रही हैं, इसलिए वे मीडिया कवरेज पाने के लिए ऐसे बयान देना चाहते हैं. और कुछ नहीं. उन्हें पुलिस के पास जाकर अनुमति मांगनी चाहिए और सभा की अनुमति मिलेगी, लेकिन लोगों को जुटाने का काम हमारा नहीं है.”
बता दें कि पश्चिम बंगाल के हुगली में कुणाल घोष की कार पर हमला हुआ. लोगों ने उनका विरोध करते हुए कार पर अंडे फेंके. एआईटीएमसी विधायक ने दावा किया कि कार पर अंडे के अलावा रॉड और पत्थरों से हमला किया.
उधर, ममता बनर्जी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “उनके (टीएमसी) कार्यकाल में इतना अत्याचार हुआ कि लोग बदलाव लाने के लिए मजबूर हो गए. वोटिंग का प्रतिशत बहुत अधिक था, लेकिन कोई धांधली नहीं हुई और कोई भी शिकायत दर्ज नहीं करा सका. नतीजा बिल्कुल वैसा ही रहा, जैसा उम्मीद थी. भाजपा को जीत मिली, जो यहां की जनता ने दी. लोगों ने उनके (ममता बनर्जी) के हाथों से बंगाल का बाहर निकाला. अब हार जाने के बाद बयानबाजी करने से कोई फायदा नहीं है.”
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बंगाल दौरे पर उन्होंने, “हमारी पार्टी के नेता संगठनात्मक कार्यों के लिए यात्रा करते रहते हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने दुर्गापुर का दौरा किया था, जहां उस क्षेत्र की एक बैठक हुई थी. भाजपा चुनाव जीत चुकी है और राज्य में सरकार है. संगठन में भी नए लोग आए हैं. इसलिए संगठन को सही तरीके से आगे लेकर चलना है. नगर निकाय और पंचायत चुनाव भी हैं. ऐसे में संगठन हमेशा दुरुस्त रहना चाहिए.”
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डीसीएच/