
मेलबर्न, 8 जुलाई . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया की यात्रा पूरी करके ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुंच गए हैं. मेलबर्न में प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह है. भारतीय समुदाय के लोगों ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री के ऑस्ट्रेलिया दौरे से दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर होंगे.
से बात करते हुए मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले सदस्य ने बताया, “मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं, मैं छह साल पहले यहां आया था तब प्रधानमंत्री मोदी पहले से ही पद पर थे. तब से लेकर अब तक बहुत सुधार हुआ है. आज दुनिया के कई देशों में भारतीयों को बहुत सकारात्मक नजरिए से देखा जाता है. भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की टॉप पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गई है.”
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जी के लिए मैं गढ़वाली में बस इतना कहना चाहूंगा, “मोदी जी, तुम्हारो मेलबर्न में बहुत-बहुत स्वागत च.”
उन्होंने कहा कि जिस तरह आपने उत्तराखंड में विकास कराया है, उसके लिए मैं आपका धन्यवाद देना चाहूंगा. मैं देहरादून से हूं और मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल का रहने वाला हूं. पहले देहरादून से दिल्ली जाने में 8-10 घंटे लग जाते थे, लेकिन आज वही सफर सिर्फ ढाई घंटे में पूरा हो जाता है. इतने बड़े और अहम बदलाव देखने को मिले हैं, इसके लिए मैं आपका सच में धन्यवाद करना चाहूंगा.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का दौरा भारतीय समुदाय के लिए ‘गर्व का पल’ है. ऐसा लगता है जैसे वह अपने साथ पूरे भारत को लेकर यहां आ रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा, “पिछले तीन-चार वर्षों में हमारी वीजा फीस दो से तीन गुना तक बढ़ गई है. अगर भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए इन फीसों में कुछ रियायत मिल जाए तो बहुत अच्छा होगा. इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए आवेदन करने वाले भारतीय छात्रों पर वीजा की संख्या की जो सीमा है, उससे उन्हें नुकसान हो रहा है. अगर यह सीमा हटा दी जाए तो यह बहुत अच्छी बात होगी.”
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से यहां ‘वन नेशन पॉलिसी’ की बात चल रही है. इसकी वजह से वीजा पर काफी सीमाएं लगा दी गई हैं. यूनिवर्सिटी तो चाहती हैं कि अंतरराष्ट्रीय छात्र यहां आएं, क्योंकि वे दुनिया भर से अच्छे और प्रतिभाशाली छात्रों को मौका देना चाहती हैं. लेकिन वीजा की इन सीमाओं की वजह से जो नए छात्र यहां आना चाहते हैं, उन्हें थोड़ी परेशानी हो रही है. इसलिए मेरा मानना है कि अगर ये वीजा सीमाएं हटा दी जाएं, तो यह बहुत अच्छा फैसला होगा.
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एवाई/एबीएम