
डांग, 6 अगस्त . गुजरात का एकमात्र हिल स्टेशन सापुतारा एक बार फिर मानसून की खूबसूरती के साथ पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार है. यहां 8 अगस्त से 29 अगस्त तक मानसून फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा. लगभग एक महीने तक चलने वाले इस उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, आदिवासी लोकनृत्य, एडवेंचर गतिविधियां, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और प्रकृति की मनमोहक छटा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होगी. उम्मीद जताई जा रही है कि इस आयोजन से न केवल पर्यटन को नई गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और छोटे कारोबारियों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी.
सापुतारा के निवासी चेतन राठौड़ ने बताया कि गुजरात पर्यटन विभाग हर वर्ष मानसून फेस्टिवल का आयोजन करता है, जो स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का एक बड़ा अवसर बनता है. इस दौरान छोटे दुकानदारों, लारी-गल्ला संचालकों और अन्य स्थानीय व्यवसायियों को अच्छी आमदनी होती है. उन्होंने इस पहल के लिए गुजरात सरकार और गुजरात टूरिज्म का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
वहीं, सूरत से अपने परिवार के साथ सापुतारा घूमने पहुंचे धर्मेंद्र भगत ने यहां के मौसम और प्राकृतिक सौंदर्य की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान सापुतारा का मौसम बेहद सुहावना हो जाता है और 8 अगस्त से शुरू होने वाला मानसून फेस्टिवल इसे और भी खास बना देता है. इस फेस्टिवल में आदिवासी समुदाय के सांस्कृतिक कार्यक्रम बेहद आकर्षक होते हैं, जिन्हें देखने के लिए गुजरात ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार के साथ सापुतारा आएं और यहां के खूबसूरत मौसम, स्वादिष्ट स्थानीय भोजन तथा मानसून फेस्टिवल का आनंद लें.
एक अधिकारी ने बताया कि 8 अगस्त से शुरू होने वाला सापुतारा का मोस्ट अवेटेड मानसून फेस्टिवल पर्यटकों के लिए कई खास आकर्षण लेकर आ रहा है. उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान सापुतारा अपनी वास्तविक खूबसूरती में नजर आता है. चारों ओर फैली हरियाली, बादलों से ढके पहाड़, मनमोहक झरने और ठंडी हवाएं हर पर्यटक का मन मोह लेती हैं.
अधिकारी ने आगे कहा कि फेस्टिवल में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ आदिवासी लोकनृत्य, स्थानीय व्यंजनों का स्वाद, हस्तशिल्प उत्पादों की खरीदारी और विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा. यह उत्सव केवल पर्यटकों के मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय का महत्वपूर्ण माध्यम भी है. उन्होंने देशभर के पर्यटकों से अपील की कि वे इस मानसून अपने परिवार और मित्रों के साथ सापुतारा अवश्य आएं और इस अनूठे मानसून फेस्टिवल का हिस्सा बनें.
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पीएसके