
गांधीनगर, 9 सितंबर . गुजरात विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है. तीनों दिन सरकारी बिलों के साथ-साथ जनहित के मुद्दों पर चर्चा होगी. राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि सरकार सवालों के जवाब देने और जनता की चिंताओं को दूर करने के लिए हमेशा तैयार है.
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सत्र से पहले पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “गुजरात विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है. इसमें सरकारी बिलों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होगी. सरकार सवालों के जवाब देने और जनता की चिंताओं को दूर करने के लिए हमेशा तैयार है.”
वहीं, मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा, “आज से तीन दिन का मानसून सत्र शुरू हो रहा है. तीन दिन का यह सत्र ‘प्रश्न काल’ के साथ शुरू होगा. इसके बाद, विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय में नौ बिल पेश किए जाएंगे, जिनमें से लगभग सात बिलों पर चर्चा होगी.”
बारिश की कमी की वजह से खेती-बाड़ी के लिए बिजली की बढ़ी हुई मांग पर ऊर्जा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि बारिश के दौरान 2 घंटे अधिक बिजली देने का फैसला किया गया है. उन्होंने बताया कि खेती-बाड़ी के लिए 8 घंटे की जगह 10 घंटे बिजली दी जाएगी.
उन्होंने कहा कि बारिश की कमी की वजह से राज्य में बिजली की मांग बढ़ रही है. कई जिलों में मुश्किलें आ रही हैं. ऊर्जा मंत्री ने कहा कि चारे की कमी को दूर करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं.
मानसून सत्र शुरू होने से पहले गुजरात विधानसभा में भाजपा पक्ष की बैठक आयोजित हुई. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसकी अध्यक्षता की. इसमें गुजरात प्रभारी तरुण चुघ, गुजरत प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी शामिल हुए. इसके अलावा, बैठक में गुजरात सरकार के कैबिनेट और राज्य मंत्री भी मौजूद रहे.
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डीसीएच/