पश्चिम बंगाल में 12 लाख से ज्यादा स्वयं सहायता समूह सक्रिय : दिलीप घोष

कोलकाता, 5 अगस्त . पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने स्वयं सहायता समूहों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में 12 लाख से ज्यादा स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं. सभी की जांच की जा रही है. इस दौरान जिन्होंने भी लोन लिया है, उन सभी का ऑडिट किया जाएगा. अगर कहीं पर किसी भी प्रकार की समस्या या भ्रष्टाचार की बात सामने आएगी, तो कार्रवाई करने में कोई कोताही नहीं की जाएगी.

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि जो लोग अच्छा काम कर रहे हैं, उन लोगों को लोन देंगे. हम ऐसे लोगों को चिन्हित करके उन्हें साढे तीन लाख का लोन देने की पहल करेंगे. इसके अलावा, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने भी स्वयं सहायता समूहों और नई सरकार के अधीन महिलाओं की स्थिति पर भी बात की.

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जोड़ने का काम करता है. इनसे कई तरह के काम हो पाते हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है. महिलाओं का सशक्तीकरण होता है और सबसे अहम बात यह है कि टीम वर्क भी अच्छे से हो पाता है.

उन्होंने कहा कि देशभर में 1 करोड़ से ज्यादा स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिसमें 10 करोड़ से भी ज्यादा महिलाएं मिलकर काम कर रही हैं. यह अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है. इससे महिलाओं को व्यापार से जुड़ी पूरी जानकारी मिल रही है कि कैसे काम करना है, कैसे अपना व्यापार शुरू करना है. जाहिर-सी बात है कि जब महिलाओं को इन सब चीजों के बारे में जानकारी मिलेगी, तो वो आगे बढ़ेंगी ही. इससे में किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए. हमने इस दिशा में पूरी रूपरेखा भी निर्धारित कर ली है और मौजूदा समय में हम उस दिशा में काम कर रहे हैं.

एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया राहटकर ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से ई-मार्केट प्लेस और ई-मार्केट हार्ट के बारे में भी बात की गई है. इन सभी चीजों के माध्यम से देश की महिलाएं आगे बढ़ेंगी. यह हम सभी लोगों के लिए खुशी की बात है कि तीन करोड़ से भी ज्यादा महिलाएं लखपति बन चुकी हैं. जो महिलाएं कभी कमाती नहीं थी, वो आज घर बैठे बैठे लखपति दीदी बन गई है. मुझे लगता है कि इससे बड़ी सफलता की मिसाल और कुछ नहीं हो सकती है.

साथ ही, उन्होंने पश्चिम बंगाल में महिलाओं की स्थिति पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हमें महिलाओं पर हो रहे अत्याचार से संबंधित कई शिकायतें मिली हैं. महिलाओं के यौन शोषण, चरित्र हनन और उनके घरों को जला देने जैसी घटनाएं कई बार सामने आ चुकी हैं. आप लोगों ने गौर किया होगा कि आयोग ने पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ इस मामले में काम किया है. मुझे पूरा विश्वास है कि पश्चिम बंगाल में आने वाला कल महिलाओं के लिए काफी लाभकारी साबित होने जा रहा है. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो. महिलाओं का सशक्तीकरण हमारी प्राथमिकता की सूची में सबसे शीर्ष पर है.

उन्होंने कहा कि पिछले साल हमारे पास महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के संबंध में बहुत शिकायतें आई थीं लेकिन अब शिकायतों की संख्या काफी कम हो रही है. अब मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में महिलाओं को यहां पर एक अच्छा और सुरक्षित वातावरण मिलेगा.

एसएचके/पीएम