‘दोस्त-दोस्त न रहा’ गाने वाले मुकेश ने कई फिल्मों में किया अभिनय, संगीत प्रेमियों के दिलों में आज भी गूंजती है उनकी आवाज

मुंबई, 21 जुलाई . 1950 से लेकर अब तक सुरीली आवाज से इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाने वाले गायक मुकेश कुमार की 22 जुलाई को 103वीं जयंती है. उनका जन्म 22 जुलाई 1923 को हुआ था. देशभर के संगीत प्रेमियों के दिलों में आज भी उनकी आवाज गूंज रही है.

हिंदी सिनेमा में खास पहचान बनाने वाले मुकेश का पूरा नाम मुकेश चंद माथुर था. उनके पिता का नाम जोरावर चंद माथुर था और वे पेशे से इंजीनियर थे. 10 भाई-बहनों में मुकेश अपनी माता-पिता की 6वीं संतान थे. उनको बचपन से ही गायन में लगाव था. अपने सहपाठियों को मुकेश गाना सुनाया करते थे. 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़कर मुकेश नौकरी करने लगे थे.

मुकेश को फिल्मों में काम करने का शौक था. मुकेश अपने रिश्तेदार मोतीलाल की बहन की शादी में गाना गा रहे थे. उनकी आवाज मोतीलाल को काफी पसंद आई. जब मोतीलाल मुंबई वापस आए तो उन्होंने मुकेश को सिंगिंग की ट्रेनिंग कराई. उन्होंने अपने करियर के पहले गाने ‘दिल ही बुझा हुआ हो तो’ से ही लोगों में खास पहचान बनाई. मुकेश ने ‘माशूका,’ ‘आह,’ ‘अनुराग,’ और ‘दुल्हन’ जैसी फिल्मों में अभिनेता के तौर पर भी काम किया.

उन्होंने ‘दोस्त-दोस्त न रहा’, ‘जीना यहां मरना यहां’, ‘कहता है जोकर’, ‘दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई’, ‘आवारा हूं’ और ‘मेरा जूता है जापानी’ जैसे गाने गाए हैं. वे देश ही नहीं बल्कि विदेशों में ही काफी मशहूर रहे.

हिंदी सिनेमा में शुरुआती दौर में मुकेश को संघर्षों का सामना करना पड़ा. उन्होंने अपने 40 वर्ष के लंबे करियर में 200 से ज्यादा गाने गाए. अमेरिका में एक स्टेज शो के दौरान हार्टअटैक से उनका 27 अगस्त 1976 को निधन हो गया था. ‘इक दिन बिक जाएगा माटी के मोल, जग में रह जाएंगे प्यारे तेरे बोल’ गीत गा रहे थे, तभी उनको दिल का दौरा पड़ा था.

एसडी/पीएम