
मुंबई, 14 जुलाई . मुंबई के ताड़देव रोड स्थित एक्सिस बैंक की एक शाखा में बैंक कर्मचारियों द्वारा एक मृत खाताधारक के खाते से कथित तौर पर 29 लाख 83 हजार 200 रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है. पुलिस और बैंक अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृत खाताधारक विमला पाटिल के नाम से कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म पर कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर उसे बैंक में जमा कराया गया. इसके बाद एनईएफटी, यूपीआई और आईएमपीएस के माध्यम से रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई.
मामले का खुलासा होने के बाद एक्सिस बैंक के अधिकारियों की शिकायत पर ताड़देव पुलिस स्टेशन में राहुल पंजवाणी, अभिषेक वर्मा और राम पाल के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने इसी तरह अन्य मृत खाताधारकों के खातों से भी अवैध रूप से धन निकाला है. मामले की जांच जारी है.
इससे पहले 4 जुलाई को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग के लिए बैंक खातों के कथित दुरुपयोग से जुड़े एक गिरोह का भंडाफोड़ किया था. इस मामले में गिरोह के सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था.
क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 को सूचना मिली थी कि अंधेरी पश्चिम के मरोल क्षेत्र स्थित एक कार्यालय से फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग में किया जा रहा है. जांच में पता चला कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों में चालू (करंट) खाते खुलवाते थे. इन खातों से जुड़े डेबिट कार्ड और सिम कार्ड सक्रिय कर उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर डिब्रूगढ़, भेजा जाता था, जहां उनका इस्तेमाल कथित तौर पर ऑनलाइन गेमिंग और साइबर ठगी में किया जाता था.
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 66 एटीएम कार्ड, विभिन्न मोबाइल कंपनियों के 12 सिम कार्ड, 19 बैंक पासबुक, 122 चेकबुक, दो लैपटॉप, एक कैनन कलर प्रिंटर, दो पेन ड्राइव और 68 फर्जी रबर स्टैंप बरामद किए थे.
–
ओपी/एएस