मुंबई: भारी बारिश के बीच मैनहोल हादसा, भाजपा ने कार्रवाई और विपक्ष ने जवाबदेही की मांग की

मुंबई, 2 जुलाई . मुंबई के साकीनाका इलाके में खैरानी रोड पर एक खुले मैनहोल में गिरने से 60 साल के असलम शेख की मौत हो गई. इसको लेकर सियासत तेज हो गई है. भाजपा नेताओं ने इस घटना को दुखद बताया. विपक्षी दलों ने बीएमसी और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा.

भाजपा विधायक संजय उपाध्‍याय ने से बातचीत में साकीनाका की घटना को दुर्भाग्‍यपूर्ण बताया जिसमें असलम शेख की मैनहॉल में गिरने से मुत्‍यु हो गई. इससे पहले डॉक्‍टर अमरापुरकर और भानुशाली भी मैनहॉल में गिरे थे.

उन्‍होंने कहा कि हाल ही में महापौर के प्रवास के दौरान मैनहॉल में अधिकारी भी गिर गए थे. हर मुंबईकर की जान अमूल्‍य है. मैनहॉल को खुले में रखना और किसी प्रकार की चेतावनी या सुरक्षाकर्मी न रखना बहुत घातक है. इसके लिए जिम्‍मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई होनी चाहिए.

भाजपा मुंबई के अध्यक्ष अमित साटम ने कहा, “अभी जांच चल रही है. मैनहोल पर ढक्कन होने चाहिए. लापरवाही से काम नहीं किया जा सकता, वरना किसी की जान जा सकती है. परसों ही एक पेड़ गिरने से 11 साल के बच्चे की भी मौत हो गई थी. ये सभी घटनाएं हैं, इसलिए हम इस पर काम कर रहे हैं. हमारे मेयर और अधिकारी इस दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं.”

शिवसेना विधायक दिलीप लांडे ने से कहा कि उस मैनहॉल का ढक्‍कन कैसे खुला रहा, नगर पालिका का कर्मचारी नहीं था. इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

एनसीपी सांसद सुनील तटकरे का कहना है, “इन घटनाओं की जांच होनी चाहिए. ये बारिश के नतीजे हैं. कोंकण में चार दिनों से बारिश हो रही है. हम इतनी बारिश के आदी हैं और बहुत ज्‍यादा बारिश की वजह से पूरे राज्य में हालात बन गए हैं, किसानों के लिए भी लेकिन जब ऐसी घटनाएं होती हैं तो प्रशासन को जिम्मेदारी लेनी चाहिए. सभी को मिलकर सोचना और काम करना चाहिए ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों.”

शिवसेना यूबीटी विधायक सुनील प्रभु ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुंबई महानगर प‍ालिका के कर्मचारी और अधिकारी वही हैं. केवल नियोजन का अभाव है. इसके कारण ही ऐसी स्थिति बन जाती है.

वहीं, कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि ये सरकार भ्रष्‍टाचार में लिप्‍त है. प्रदेश सरकार को आम लोगों की जान से कोई लेना-देना नहीं है. इनको सत्ता चाहिए. हमने पहले दिन से ही प्रश्‍न उठाया था कि पहली बारिश में पेड़ गिरने से एक निर्दोष बच्‍चे की जान गई. आज विकास का दूसरा नजारा सामने आया है.

उन्‍होंने कहा कि सरकार के भ्रष्‍टाचार की सीमा खत्‍म हो चुकी है. मैं हाईकोर्ट से अपील करता हूं कि प्रदेश में विकास के नाम से खर्च होने वाले फंड की जांच होनी चाहिए. मुंबई में लोग बारिश की वजह से मैनहॉल में गिरकर मर रहे हैं. किसान आत्‍महत्‍या कर रहे हैं. क्‍या महाराष्‍ट्र में जीने का अधिकार नहीं है.

कांग्रेस विधायक अमीन पटेल कहते हैं, “यह बृहन्मुंबई नगर निगम की लापरवाही है. तीन दिनों में तीन हादसे हुए हैं. पहले दिन एक व्यक्ति मैनहोल में गिर गया. दूसरे दिन एक बच्चा स्कूल बस हादसे का शिकार हुआ और अब चेंबूर में एक व्यक्ति मैनहोल में गिरने से मर गया. बृहन्मुंबई नगर निगम क्या कर रहा है? इतना पैसा खर्च होने के बावजूद नालियों और मैनहोल की सफाई और रखरखाव में लापरवाही क्यों बरती जा रही है? क्या इस पर एफआईआर दर्ज होगी? क्या कोई कार्रवाई होगी? क्या मुंबई के लोगों को इसका जवाब मिलेगा? यह बहुत गंभीर मामला है और ऐसा नहीं लगता कि बृहन्मुंबई नगर निगम इसे गंभीरता से ले रहा है.”

एएसएच/वीसी