मुंगेर पुलिस ने हथियार तस्करी का किया भंडाफोड़, पांच देसी पिस्तौल और 10 मैगजीन के साथ तस्कर गिरफ्तार

मुंगेर, 10 जुलाई . मुंगेर पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया है. आरोपी के पास से पांच देसी पिस्तौल, 10 मैगजीन, एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है. प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि हथियारों की यह खेप भागलपुर से लाई गई थी और इसे एक अन्य व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था. पुलिस इस पूरे नेटवर्क के लिंक खंगालने में जुट गई है.

सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने मीडिया को बताया कि बरियारपुर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति काले रंग की मोटरसाइकिल पर अवैध हथियार लेकर गुजरने वाला है. सूचना मिलते ही इसकी पुष्टि की गई और वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया. इसके बाद बरियारपुर थाना पुलिस और जिला डीआईयू (जिला आसूचना इकाई) की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनबटिया के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया. जांच के दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने भागने की कोशिश की. पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया और विधिवत तलाशी ली. तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल पर टंगे एक झोले से पांच देसी पिस्तौल बरामद हुईं. इसके अलावा, पांच अलग मैगजीन और पांच पिस्तौलों में लगी मैगजीन, यानी कुल 10 मैगजीन भी बरामद की गईं. पुलिस ने मौके से मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया.

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपनी पहचान मोहम्मद सदाकत अंसारी उर्फ करकू के रूप में बताई. वह कल्याणचक, सीताकुंड (मुफस्सिल थाना क्षेत्र) का रहने वाला है. आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे भागलपुर में भगवाननाथ चौक के पास स्थित एक लाइन होटल के निकट एक अज्ञात व्यक्ति ने हथियारों की खेप सौंपी थी. इसके बाद वह इन हथियारों को मुंगेर लाकर वर्धा निवासी अपने साथी मोहम्मद सलीम उर्फ फलोसन को देने जा रहा था.

एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने बताया कि पूछताछ में यह भी सामने आया है कि सदाकत पहले भी इसी तरह हथियारों की खेप भागलपुर से लाकर फलोसन तक पहुंचा चुका है. हालांकि, हथियार देने वाले व्यक्ति की पहचान उसे भी नहीं मालूम है. वह केवल फलोसन के कहने पर भागलपुर से हथियार लेकर आता था और उसे सौंप देता था. फिलहाल मोहम्मद सलीम उर्फ फलोसन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इसके साथ ही पुलिस भागलपुर में उस व्यक्ति की भी पहचान करने में जुटी है, जो सदाकत को हथियार उपलब्ध कराता था. इसके लिए तकनीकी और मैन्युअल दोनों माध्यमों से पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है, ताकि हथियार तस्करी की पूरी श्रृंखला का पर्दाफाश किया जा सके.

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सदाकत को प्रत्येक खेप पहुंचाने के एवज में केवल दो से तीन हजार रुपए मिलते थे. उसने स्वीकार किया कि पहले भी वह एक बार इसी तरह हथियारों की खेप पहुंचा चुका है और उस समय भी उसे इतनी ही रकम दी गई थी. पुलिस का अनुमान है कि फलोसन के पास हथियार पहुंचने के बाद उन्हें आगे अन्य लोगों को बेचा जाता था. पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों की खेप और उससे जुड़े पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है.

पीएसके