‘जांच के लिए मेरे दरवाजे खुले हैं’: स्टिंग ऑपरेशन विवाद की जांच पर कुमारस्वामी का बयान

बेंगलुरु, 2 नवंबर . केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार को कर्नाटक पुलिस को पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) सदस्य सिद्धारमैया से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन मामले में पूछताछ करने की चुनौती दी और कहा कि जांच के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं.

राज्य पुलिस द्वारा उन्हें पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर सवाल उठाते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि वह किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं और उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है. उन्होंने राज्य सरकार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर दिल्ली स्थित उनके आवास को इस मामले से जोड़कर उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने का आरोप भी लगाया.

जेडी(एस) मुख्यालय, जेपी भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि वे मुझे जांच के लिए क्यों बुलाएंगे? मैंने क्या किया है? क्या इसलिए कि मैंने इन सभी मामलों का खुलासा किया है? वे वास्तव में क्या जांच करेंगे और कैसे? इस मामले से मेरा क्या संबंध है? जांच अभी जारी है. आरोपी ने एक मोबाइल फोन खरीदा और कथित तौर पर मेरे आवास के पास उसे सौंप दिया.

जांच में सामने आए रितेश पांडे को न जानने की बात स्पष्ट करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उनके आवास और कैंप कार्यालय में सैकड़ों लोग सहायता के लिए आते-जाते रहते हैं.

उन्होंने कहा कि मैं किसी रितेश पांडे को नहीं जानता. मेरा आवास एक ही जगह है और मेरा एक कैंप कार्यालय भी है जहां सैकड़ों लोग काम के लिए आते हैं. हो सकता है वह कभी आया हो, लेकिन मैंने उसका चेहरा कभी नहीं देखा. मैं जांच के लिए तैयार हूं. मेरे दरवाजे सबके लिए खुले हैं. किसी को भी भेजिए और जांच कीजिए. मैंने तो सुरक्षा भी नहीं रखी है.

पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक एमए सलीम को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि अधिकारियों को राजनीतिक दबाव में आए बिना ईमानदारी से जांच करनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री उन्हें बदनाम करने के लिए जांच को प्रभावित कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मैं दो बार मुख्यमंत्री रह चुका हूं. मैंने कभी किसी अधिकारी को कोई गैरकानूनी काम करने के लिए नहीं कहा. मेरे परिवार ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पद देखे हैं. मैं जांच अधिकारियों को चेतावनी दे रहा हूं कि वे ईमानदारी से जांच करें.

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बेंगलुरु पुलिस आयुक्त का उनके आवास को इस मामले से जोड़ने वाला बयान गैरकानूनी है और चल रही जांच के दौरान सूचना लीक करने के खिलाफ Supreme Court के निर्देशों और स्थापित दिशानिर्देशों का उल्लंघन करता है. उन्होंने कहा कि वे जांच के विवरण का खुलासा करने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर सकते हैं.

कुमारस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए पुलिस पर दबाव डाला था.

गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कि जांचकर्ताओं को स्टिंग ऑपरेशन मामले में निर्णायक सबूत मिले हैं, कुमारस्वामी ने कहा कि मंत्री को पहले मुख्यमंत्री शिवकुमार के आवास पर प्रज्वल रेवन्ना के पूर्व ड्राइवर की कथित उपस्थिति से संबंधित सबूतों के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए.

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एमएस/