
गुवाहाटी, 25 सितंबर . असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अतीत में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों से वोट मिले हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में ऐसा समर्थन कोई नई बात नहीं है.
6 अक्टूबर को होने वाले नागांव लोकसभा उपचुनाव से पहले यहां पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि भाजपा को पिछले चुनावों में अल्पसंख्यक बहुल विधानसभा सीटों पर पर्याप्त वोट मिले थे.
उन्होंने रूपोहीहाट और लहरीघाट विधानसभा सीटों पर पार्टी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि इस साल के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों को इन दोनों सीटों पर क्रमशः लगभग 35,000 और 38,000 वोट मिले थे.
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि कई मुसलमान पहले से ही भाजपा को वोट देते आ रहे हैं. राष्ट्रवादी मुसलमान भी हैं.
उन्होंने इस बात को भी खारिज कर दिया कि भाजपा किसी विशेष धर्म के खिलाफ है और कहा कि पार्टी का राजनीतिक ध्यान समाज से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है.
उन्होंने कहा कि हम (भाजपा) धर्म के खिलाफ नहीं हैं. हम मुद्दों पर बात करते हैं. हम हिंदू-मुस्लिम राजनीति नहीं करते हैं.
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि महिलाओं के समान अधिकार और सामाजिक विकास जैसे मुद्दे उनकी सरकार और भाजपा के लिए चर्चा का विषय रहे हैं.
उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में भाजपा को मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों का समर्थन मिला था और दावा किया कि मौजूदा चुनाव प्रचार के दौरान भी पार्टी को समर्थन मिल रहा है.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की बैठकों में विभिन्न समुदायों के लोग शामिल होते हैं.
पूर्व कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद नागांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं.
इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार देबाशीष शर्मा, कांग्रेस उम्मीदवार सिबामणि बोरा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल आमने-सामने हैं.
मुख्यमंत्री सरमा ने स्वीकार किया कि नागांव पारंपरिक रूप से भाजपा की सीट नहीं रही है, लेकिन उन्होंने कहा कि पार्टी वहां अपना समर्थन आधार बढ़ाना चाहती है.
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा था कि नागांव लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत भाजपा की चार विधानसभा सीटों पर हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा, जबकि विपक्ष ने शेष चार सीटें जीतीं.
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एमएस/