
लखनऊ, 21 अक्टूबर . चुनाव आयोग पर लगे आरोपों को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पीलीभीत की 127 नंबर विधानसभा क्षेत्र का मामला उठाते हुए बड़ा आरोप लगाया है. श्रीनेत ने सवाल उठाया कि 13,150 लोगों के एपिक नंबर सेम हैं, लेकिन उनके नाम बदल दिए गए हैं. उन्होंने Supreme Court से एसआईआर को जल्द खारिज करने की अपील करते हुए लोगों से अपना एपिक नंबर चेक करने को कहा है.
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “127 नंबर विधानसभा क्षेत्र पीलीभीत से योगी आदित्यनाथ के मंत्री संजय गंगवार आते हैं. वहां पर बहुत बड़ी साजिश सामने आई हैं. 10 अप्रैल को जब एसआईआर आ गया था तो नाम न तो हटाए जा सकते थे और न ही जोड़े जा सकते थे, लेकिन यहां पर ये मामला सामने आया है. यहां 13150 लोगों के एपिक नंबर वही रखा गया, लेकिन नाम बदल दिया गया. इनके साथ खिलवाड़ किसने किया? डीएम, एसडीएम और ज्ञानेश कुमार किसने किया? सॉफ्टवेयर पर एकछत्र राज चुनाव आयोग का है.”
कांग्रेस नेता ने कहा कि हमारी Supreme Court से अपील है कि एसआईआर को जल्द से जल्द खारिज किया जाए और बाकी लोगों से अपील है कि अपना एपिक नंबर चेक करें, कहीं आपका नाम भी तो नहीं बदल दिया गया.
यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, “हमने आरोप नहीं लगाए हैं. सारे सबूत मौजूद हैं. जिस तरह से अंतिम प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नाम बदले गए हैं, वह चिंताजनक है. कोई व्यक्ति सोचेगा कि अंतिम प्रारूप सूची प्रकाशित हो गई है, मेरा नाम उसमें है, मेरा ईपीआईसी नंबर वही है, सब ठीक है. लेकिन जब वह व्यक्ति वोट डालने जाएगा, तो उसे पता चलेगा कि उसका नाम गायब है और उसे वोट नहीं डालने दिया जाएगा. अगर एक ही विधानसभा क्षेत्र में 13,150 लोगों को उनके नाम बदलकर उनके वोट के अधिकार से वंचित किया जा रहा है, तो चुनाव को निष्पक्ष कैसे माना जा सकता है?”
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “आप तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं. सबको बताइए कि संसद में क्या हो रहा है. समझाइए कि आप संसद में छल-कपट से सब कुछ कैसे करवाने की कोशिश कर रहे हैं. अभी किसी भी चीज की जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है, सब ठीक हो जाएगा. गठबंधन एकजुट होकर मजबूती से चुनाव लड़ेगा. देखते हैं आगे क्या होता है.”
उन्होंने कहा कि ये एक गंभीर विषय है, जो कांग्रेस ने उठाया है. हमने कोई आरोप नहीं लगाए हैं, हमने तथ्य दिए हैं. 13 हजार से ज्यादा लोगों का एपिक नंबर वही है, लेकिन उनका नाम और उनके पिता का नाम बदल दिया गया. ये गंभीर विषय है कि 13 हजार से ज्यादा वोटों के साथ एक ही विधानसभा के अंदर खेल हुआ है. देश के अंदर अगर इस तरह से काम होगा तो लोकतंत्र और चुनाव के कोई मायने नहीं बचेगा. हर व्यक्ति को अपने वोट की हिफाजत खुद करनी पड़ेगी. ये लुटेरे लूटने के लिए बैठे हुए हैं.
वहीं, समाजवादी पार्टी विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा, “भाजपा की जहां-जहां सरकारें हैं, वहां पर वोट चोरी हुई है. लखनऊ हो या बनारस, भाजपा वोट चोरी करके चुनाव जीती है. उत्तर प्रदेश और केंद्र में जो सरकारें हैं, वो अवैध हैं.”
यूपी चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का जनाधार लगातार बढ़ रहा है. उत्तर प्रदेश में जनता मजबूती से समाजवादी पार्टी के साथ खड़ी है. लोगों ने मन बना लिया है और कह रहे हैं कि बिना कहे ही वे हमारे लिए वोट भी करेंगे और प्रचार भी, क्योंकि पिछले 10 साल में भाजपा सरकार ने इतना जुल्म और अन्याय किया है. पूरे प्रदेश को अब समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव में उम्मीद दिख रही है. भाजपा सरकार की विदाई तय है. उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का बिगुल बज चुका है और जनता इस बदलाव को लाने के लिए संकल्पबद्ध है.
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केके/वीसी