
भुवनेश्वर, 3 मई . ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक परिवर्तनकारी सुधार है, जो 2036 तक ‘विकसित ओडिशा’ और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. उन्होंने कहा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का सबसे शक्तिशाली साधन है.
भुवनेश्वर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन और उच्च शिक्षा सुधारों पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह नीति भारत के जनसांख्यिकीय लाभ (डेमोग्राफिक डिविडेंड) का उपयोग करने और एक मजबूत, समावेशी तथा भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली बनाने का रोडमैप देती है, जो आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति और वैश्विक नेतृत्व को बढ़ावा दे सकती है.
राज्यपाल ने इस कार्यशाला को दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय प्रगति और मानव विकास की नींव के रूप में शिक्षा को मजबूत करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि भारत ऐतिहासिक रूप से ज्ञान, बुद्धि और बौद्धिक नेतृत्व का वैश्विक केंद्र रहा है, जहां गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा और साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, डेटा साइंस और डिजिटल इनोवेशन के कारण तेजी से हो रहे वैश्विक बदलावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता, अनुकूलन क्षमता और बहुविषयक शिक्षा की आवश्यकता है.
इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 रटने की शिक्षा से हटकर अनुभव आधारित, समग्र विकास और बहुविषयक शिक्षा की ओर एक बड़ा बदलाव है, जो 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप है.
राज्यपाल ने कहा कि ओडिशा ने उच्च शिक्षा में कई बड़े सुधार किए हैं, जिनमें पाठ्यक्रम में बदलाव, कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना और पारदर्शिता, जवाबदेही तथा समावेशी विकास सुनिश्चित करने के कदम शामिल हैं.
उन्होंने ओडिशा विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम और विश्वविद्यालय शिक्षक कैडर आरक्षण अधिनियम को उच्च शिक्षा में समानता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार क्षमता पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला बनाना होना चाहिए. उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार, शिक्षाविदों, उद्योग और समाज के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया.
उन्होंने विश्वविद्यालयों से अपील की कि वे आसपास के गांवों को गोद लें और केंद्र तथा राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में योगदान दें.
उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कार्यशाला में ओडिशा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के लिए सुझाव और भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत की.
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एएमटी/एमएस