
नई दिल्ली, 11 अगस्त . 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए दोषी नाजिम और कासिम ने निचली अदालत के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी.
आम आदमी पार्टी से पूर्व पार्षद रहे ताहिर हुसैन के साथ ही इन दोनों दोषियों को 31 जुलाई को कड़कड़डूमा कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
यह मामला फरवरी 2020 का है, जब उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. उनका शव चांदबाग इलाके में एक नाले से बरामद किया गया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि अंकित के शरीर पर 40 से ज्यादा घाव थे.
31 जुलाई को सजा के ऐलान के बाद दोषी ताहिर हुसैन ने दावा किया था कि वे इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देंगे और उम्मीद जताई कि इंसाफ मिलेगा. इधर, दोनों दोषियों ने भी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने पर अंकित शर्मा के भाई अंकुर शर्मा ने कहा कि परिवार इस बात से निराश है कि अदालत ने मौत की सजा नहीं सुनाई.
अंकुर शर्मा ने कहा कि अगर यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट या Supreme Court तक जाता है तो परिवार इसे आगे भी लड़ेगा. हमारी मांग थी कि इसे ‘दुर्लभतम मामलों’ की श्रेणी में माना जाना चाहिए था. दोषी को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए थी. हम चाहते थे कि उसे मौत की सजा दी जाए.
उन्होंने कहा कि अदालत ने न्याय किया है, लेकिन ताहिर हुसैन को मौत की सजा दी जानी चाहिए थी.
दूसरी ओर, ताहिर हुसैन की वकील तारा नरूला ने कहा था कि अदालत के इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट जाएंगे.
उन्होंने कहा कि कोर्ट ने अंकित शर्मा की हत्या की बर्बरता को ध्यान में रखा. हालांकि, कोर्ट ने यह भी माना कि हत्या में इनमें से किसी भी दोषी की सीधी भूमिका नहीं पाई गई. ऐसा कोई ठोस सबूत या आरोप नहीं था, जिससे यह साबित हो सका कि उन्होंने अंकित शर्मा को घसीटा या उन पर किसी हथियार का इस्तेमाल किया. वे सभी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. हमें उम्मीद है कि वहां हमारा पक्ष मजबूत रहेगा.
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डीकेएम/डीकेपी