
नई दिल्ली, 25 मई . दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पीवी कुलकर्णी की सीबीआई हिरासत दो दिनों के लिए बढ़ा दी है. वहीं, सह-आरोपी मनीषा वाघमारे को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
सीबीआई ने दोनों आरोपियों को 9 दिनों की हिरासत पूरी होने के बाद सोमवार को अदालत में पेश किया. सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने अदालत से मनीषा वाघमारे को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की, जबकि पीवी कुलकर्णी की सीबीआई कस्टडी बढ़ाने का अनुरोध किया.
सीबीआई ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सबूत सामने आए हैं, जिनके आधार पर पीवी कुलकर्णी से आगे भी पूछताछ की आवश्यकता है. एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने के लिए आरोपी से विस्तृत पूछताछ जरूरी है.
वहीं, पीवी कुलकर्णी के वकील ने सीबीआई की मांग का विरोध किया. बचाव पक्ष ने दलील दी कि जांच एजेंसी पुणे स्थित आवास पर तलाशी के दौरान डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य पहले ही जब्त कर चुकी है. ऐसे में आगे की हिरासत की जरूरत को लेकर सीबीआई अदालत को संतोषजनक कारण नहीं बता सकी.
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पीवी कुलकर्णी की सीबीआई हिरासत दो दिनों के लिए बढ़ा दी, जबकि मनीषा वाघमारे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया.
बता दें कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया. एजेंसियों की शुरुआती जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे. इसी आधार पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया और अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा.
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है. सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक के पीछे कौन सा नेटवर्क या सिंडिकेट काम कर रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं.
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डीएससी