नीट-यूजी 2026 पेपर लीक : 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया 14वां आरोपी

नई दिल्ली, 5 सितंबर . दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर की फास्ट ट्रैक अदालत ने शनिवार को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए 14वें आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. यह जानकारी एक वकील ने दी.

शेषराव बजरंग सूर्यवंशी को सीबीआई हिरासत की तीन दिन की अवधि पूरी होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया. उसे बुधवार को गिरफ्तार किया गया था.

इससे पहले सीबीआई ने अदालत को बताया था कि सूर्यवंशी का संबंध एक अन्य आरोपी शुभम खैरनार से है. शुभम खैरनार एक करियर काउंसलर है, जिसे 12 मई को नासिक से गिरफ्तार किया गया था. उस पर सोशल मीडिया के जरिए प्रश्नपत्र फैलाने का आरोप है.

पिछले महीने अदालत ने नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई द्वारा 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट का संज्ञान लिया था.

अदालत ने एजेंसी की उस मांग को भी स्वीकार कर लिया, जिसमें अतिरिक्त संदिग्धों के खिलाफ जांच बढ़ाने और उनके खिलाफ सबूत जुटाने की अनुमति मांगी गई थी. एक वकील के अनुसार, सीएफएसएल रिपोर्ट में कुछ अन्य लोगों की संभावित भूमिका सामने आई है.

राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में विशेष रूप से गठित इस फास्ट ट्रैक अदालत को सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और इससे जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए बनाया गया है.

सीबीआई ने अपने आवेदन में कहा था कि चार्जशीट में यह स्पष्ट किया गया है कि 13 आरोपियों के अलावा कुछ अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी जांच जारी है. जांच एजेंसी ने कहा कि 13 चार्जशीटेड आरोपियों के खिलाफ उसकी जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन कुछ अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच अभी बाकी है.

28 जुलाई को सीबीआई ने गिरफ्तार किए गए सभी 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि 3 मई की परीक्षा से पहले एनटीए के विषय विशेषज्ञों, बिचौलियों, कोचिंग संचालकों और अन्य लोगों के नेटवर्क के जरिए गोपनीय प्रश्नपत्र लीक किया गया था.

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी पीवी कुलकर्णी ने कथित तौर पर रसायन विज्ञान के सभी 135 प्रश्न और उनके उत्तर विकल्प छोटे-छोटे कागजों पर लिख लिए और उन्हें छिपाकर गोपनीय सेक्शन से बाहर ले गए.

सीबीआई ने कहा कि एनटीए के गोपनीय विभाग में प्रवेश या बाहर निकलते समय विशेषज्ञों की जांच या तलाशी लेने की कोई व्यवस्था नहीं थी.

केंद्रीय जांच एजेंसी का आरोप है कि एक अन्य आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे ने एनसीईआरटी की किताबों की अपनी जानकारी का इस्तेमाल करते हुए होटल लौटने के बाद प्रश्नों को दोबारा तैयार किया. वहीं, मनीषा संजय हवालदार ने कथित तौर पर अपने ठहरने के स्थान पर लौटने के बाद भौतिक विज्ञान के प्रश्नों को संक्षिप्त रूप में नोट कर लिया था.

एएमटी/एबीएम