बिहार में परिसीमन प्रक्रिया के बाद कराया जाएगा अगला पंचायत चुनाव: सम्राट चौधरी

पटना, 21 सितंबर . बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को कहा कि राज्य में अगला पंचायत चुनाव पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नगर निकायों के परिसीमन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पंचायत और नगर निकाय क्षेत्रों का स्पष्ट निर्धारण हो सके.

मुख्यमंत्री पटना में आयोजित ‘ग्राम संसद-बिहार चैप्टर’ के ‘मुखिया संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस दौरान ग्रामीण विकास, पंचायतों की भूमिका तथा गांवों को आत्मनिर्भर एवं विकसित बनाने को लेकर विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. परिसीमन पूरा होने के बाद ही अगला पंचायत चुनाव कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि पंचायत लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है और पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी गांवों के विकास में अहम है. उन्होंने कहा कि पंचायतों में तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पंचायती राज विभाग में इंजीनियरिंग सेल विकसित किया जाएगा. इससे मुखिया को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहायता मिलेगी.

मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से गांवों में राजस्व के नए स्रोत विकसित करने के संबंध में सुझाव देने की अपील की, ताकि कचरा प्रबंधन, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके.

सम्राट चौधरी ने कहा कि ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत प्रत्येक पंचायत में 10 विकास योजनाओं पर काम किया जा रहा है. इसमें स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों के रखरखाव तथा रंगाई-पुताई सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना शामिल है. उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित किया जा रहा है.

शिविर में प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के अंदर निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है. इसके अलावा प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने की व्यवस्था शुरू की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है. बिहार में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े. सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 से पहले एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने का है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को कृषि कार्य के लिए 55 पैसे प्रति यूनिट की रियायती दर पर बिजली दी जा रही है. साथ ही कृषि फीडरों को सोलराइज करने की दिशा में काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि प्रत्येक परिवार को प्रतिमाह 125 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में निर्मित उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी.

छड़, सीमेंट सहित बिहार में बने उत्पादों की कम से कम 30 प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा और इसे टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत और वर्ष 2037 तक समृद्ध एवं सशक्त बिहार के निर्माण में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने कहा कि गांव की समृद्धि ही देश की समृद्धि है और गांव विकसित होगा, तभी देश विकसित होगा.

एमएनपी/वीसी