
नई दिल्ली, 17 अगस्त . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने ‘वंदे मातरम’ गाते हुए सीपीपी (कांग्रेस संसदीय दल) चेयरपर्सन सोनिया गांधी के वायरल वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी का अंतर है. ये देशभक्त नहीं है. ये राष्ट्र-विरोधी लोग हैं.
समाचार एजेंसी से बात करते हुए भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, “लोकसभा के अंदर ‘वंदे मातरम’ बिल प्रस्तुत हुआ था. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने पूरे समय सदन को चलने नहीं दिया. अगर ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा होती, तो देश के लोगों को पता लगता, 150 साल पहले बंकिमचंद्र चटर्जी ने राष्ट्रीय गीत लिखा, जिसके छह अंतरे थे, लेकिन सिर्फ एक अंतरा गाया जाता था. अब पूरा राष्ट्रीय गीत गाया जाएगा.”
उन्होंने कहा, “अगर विपक्ष चर्चा में हिस्सा लेता तो उन्हें पता होता कि राष्ट्रीय गीत पूरा गाना है. उन्होंने राष्ट्रीय गीत का अपमान किया है. कांग्रेस की कथनी और करनी का यह अंतर है. सोनिया गांधी किस प्रकार से उस गीत के समय हिल रही थीं और बंद करवाने के लिए कह रही थीं. इसके अंदर प्रावधान 3 साल की सजा का है और इनके खिलाफ कई राज्यों में रिपोर्ट दर्ज हुई है.”
साथ ही, भाजपा सांसद ने कहा, “सोनिया गांधी पर कार्रवाई होनी चाहिए. 3 साल का कारावास हो, जो संसद ने तय किया है. उसके अधीन इनको बताना चाहिए कि इनकी देशभक्ति कहां चली जाती है? ये कितने भी देशभक्ति का प्रमाण देते हैं, लेकिन ये देशभक्त नहीं है. ये राष्ट्र-विरोधी लोग हैं.”
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के खुद को ‘दिमागी नक्सली’ बताने पर भाजपा सांसद ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को कुचलने का काम किया. उन्होंने एक तारीख और महीना तय किया और आज नक्सलवादियों ने जमीन पर हथियार फेंक दिए हैं. लेकिन इनकी (महबूबा मुफ्ती) मानसिकता नक्सलवाद का समर्थन देने की है और धारा 370 का वो कैसे विरोध कर सकती हैं?”
उन्होंने कहा कि धारा 370 का विरोध नहीं होगा, संसद ने इसको समाप्त किया है. अगर विपक्ष के लोग कहेंगे कि ‘हम नक्सलवाद का समर्थन करते हैं’ तो उनकी गिनती नक्सलियों में ही की जाएगी.
छात्र आंदोलन पर योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, “दिल्ली के अंदर जब ये प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर बैठे थे तो कांग्रेस, आम आमदी पार्टी और देश की तमाम पार्टियां उनको समर्थन दे रही थीं. आज झारखंड में कांग्रेस और हेमंत सोरेन की सरकार है. उसके बावजूद राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का मुंह बंद है. यह दोगली नीति देश देख रहा है.”
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डीसीएच/