नोएडा: फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला आरोपी गिरफ्तार, खाते में आए थे 1.78 करोड़ रुपये

नोएडा, 4 जुलाई . नोएडा के थाना साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले साइबर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.

पुलिस के अनुसार, आरोपी के बैंक खाते में साइबर ठगी से जुड़े करीब 1 करोड़ 78 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है. गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल एक फोन भी बरामद किया गया है. पुलिस के मुताबिक इस मामले की शुरुआत 2 मई 2025 को हुई थी, जब पीड़ित ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई कि उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर खुद को शेयर मार्केट का विशेषज्ञ बताने वाले साइबर अपराधियों ने अधिक मुनाफे का लालच दिया.

आरोपियों ने फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करवाया और बाद में उससे लाखों रुपये की साइबर ठगी कर ली. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने 3 जुलाई 2026 को नोएडा से अमलेश प्रसाद को गिरफ्तार किया. आरोपी सूरजपुर क्षेत्र का निवासी है और उसकी उम्र करीब 41 वर्ष बताई गई है.

पुलिस जांच में सामने आया कि अमलेश प्रसाद साइबर ठगी करने वाले गिरोह को 10 प्रतिशत कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराता था. इसी खाते में इस मामले से संबंधित 15.50 लाख रुपये की राशि भी ट्रांसफर हुई थी. जांच में यह भी पता चला कि आरोपी के खाते में अब तक विभिन्न साइबर ठगी की घटनाओं से जुड़े 1.78 करोड़ रुपये जमा हुए हैं. पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कुल 26 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. इनमें तेलंगाना में 8, कर्नाटक में 6, तमिलनाडु में 3, केरल में 2, महाराष्ट्र में 2 तथा हरियाणा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में एक-एक मुकदमा दर्ज है.

इससे स्पष्ट होता है कि आरोपी लंबे समय से साइबर अपराधियों के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना साइबर क्राइम गौतमबुद्धनगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के स्रोत की भी जांच कर रही है. साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से निवेश करने से पहले उसकी सत्यता की अच्छी तरह जांच करें. अधिक मुनाफे का लालच देने वाले प्रस्तावों से सतर्क रहें और किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, पिन, सीवीवी या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें.

पीकेटी/डीएससी