
नोएडा, 1 अगस्त . नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस ने दोपहिया वाहन चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर चोरी की 15 दोपहिया गाड़ियां, चोरी और स्नैचिंग से प्राप्त मोबाइल फोन की बिक्री से मिले 2,200 नकद तथा चार चाकू बरामद किए हैं.
पुलिस के अनुसार, थाना सेक्टर-20 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर सर्विस रोड, सेक्टर-27 नोएडा में घेराबंदी कर कार्रवाई की. इस दौरान वाहन चोरी करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजीव चौहान, अजय कुमार, सचिन कुमार, कृष्णा शेरा, विजय कुमार और बृजेश कुमार के रूप में हुई है. इनमें कुछ आरोपी दिल्ली, गाजियाबाद, फर्रुखाबाद, करौली और बांदा के रहने वाले हैं, जबकि वर्तमान में नोएडा और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में रह रहे थे.
पूछताछ और निशानदेही के आधार पर पुलिस ने चोरी की 12 मोटरसाइकिल और 3 स्कूटी बरामद की हैं. इनमें कई वाहन थाना सेक्टर-20 क्षेत्र में दर्ज वाहन चोरी के मुकदमों से संबंधित पाए गए हैं. कुछ वाहनों के नंबर प्लेट हटाए गए थे, जबकि एक बाइक का चेसिस नंबर भी मिटाया गया था, जिससे उसकी पहचान छिपाई जा सके. पुलिस इन सभी वाहनों के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें वापस सौंपने की प्रक्रिया में जुटी है. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी और स्नैचिंग किए गए मोबाइल फोन भी बेचते थे. पुलिस ने मोबाइल बिक्री से प्राप्त 2,200 नकद बरामद किए हैं.
इसके अलावा चार आरोपियों के कब्जे से एक-एक चाकू भी बरामद हुआ है, जिसके आधार पर उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरोह का मुख्य आरोपी राजीव चौहान पहले से ही दिल्ली और गौतमबुद्धनगर में वाहन चोरी, लूट, स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट सहित 21 आपराधिक मामलों में वांछित या आरोपी रह चुका है. वहीं अजय कुमार और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी वाहन चोरी से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं.
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से नोएडा, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय था और सुनसान स्थानों से दोपहिया वाहन चोरी कर उनकी पहचान बदलकर बेच देता था. इस मामले में थाना सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त का नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है. साथ ही बरामद वाहनों के संबंध में अन्य जनपदों में दर्ज मामलों की भी जांच की जा रही है.
–
पीकेटी/एबीएम