
नई दिल्ली, 2 अगस्त . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने रविवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भाजपा पर जमकर हमला बोला. तिवारी ने कहा कि चंदा चोरी राम मंदिर बन जाने के बाद से नहीं हुई है. शिलापूजन से राम मंदिर में चोरी शुरू हो गयी थी. मैं ये नहीं कहता कि भाजपा में सभी चंदा चोर हैं लेकिन बहुत जिम्मेदारी से कहता हूं कि सारे चंदा चोर भाजपा में हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी और उनकी पत्नी को लेकर विवादित बयान भी दिया.
उन्होंने कहा कि सच्चाई ये है कि राम मंदिर भाजपा ने नहीं बनवाया बल्कि ये Supreme Court के आदेश के बाद बना. राम मंदिर बनने के समय लोकसभा का चुनाव था और नरेंद्र मोदी को चुनाव मंदिर से ज्यादा प्रिय था, इसलिए उन्होंने अधूरे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कर अशुभ काम किया. राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शंकराचार्यों को नहीं बुलाया गया था जबकि पूजा उन्हीं से करवानी चाहिए थी.
प्रमोद तिवारी ने दावा किया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के दौरान 2 करोड़ रुपए की जमीन खरीदकर, उसे 10 मिनट बाद 18 करोड़ रुपए में बेच दिया गया. राम मंदिर निर्माण के दौरान सात बड़े जमीनी सौदे हुए, जिसमें सर्किल रेट से 17 गुना अधिक रकम का भुगतान किया गया. राम मंदिर के लिए बने ट्रस्ट में साधु-संतों को बाहर कर उसमें भाजपा-संघ के लोगों को रखा गया. राम मंदिर निर्माण में सैकड़ों करोड़ों रुपए की चोरी की गई, सोने-चांदी पिघलाकर बेचे गए और पैसा शेयर मार्केट में लगाया गया. करोड़ों लोगों की आस्था पर डकैती हुई. हम चाहते हैं कि लोगों की आस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
जब राम मंदिर ट्रस्ट का गठन Supreme Court के आदेश पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया, तो घोटाले की जवाबदेही कौन लेगा. मेरा मानना है कि जवाबदेही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की होती है. अगर सब ठीक है, तो चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव ने इस्तीफा क्यों दिया.
जब राम मंदिर बनाने के लिए आंदोलन चल रहा था, तो नारा था-“रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे.” फिर जब यूपी में भाजपा की सरकार बनी, तो मैंने पूछा कि मंदिर का निर्माण कब होगा. जवाब मिला जब केंद्र में भी भाजपा की सरकार आ जाएगी. जब केंद्र में अटलजी की सरकार बनी, मैंने फिर यही सवाल पूछा. जवाब मिला अभी रुक जाइए. सच्चाई ये है कि भाजपा कभी नहीं चाहती थी कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, वो सिर्फ राम मंदिर का मुद्दा चाहती थी.
राम मंदिर में सिर्फ चढ़ावे की चोरी नहीं हुई बल्कि शिला पूजन के समय से ही चोरी शुरू हो गई थी. मैं खुद अवध क्षेत्र का रहने वाला हूं और 1985-90 के बीच मैं यूपी सरकार में पर्यटन मंत्री था. मैंने राम जन्मभूमि के आंदोलन को बड़े करीब से देखा है. मैं ये नहीं कहता कि भाजपा में सभी ‘चंदा चोर’ हैं लेकिन सारे ‘चंदा चोर’ भाजपा में हैं.
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डीकेएम/पीएम