झारखंड में अब एआई फैमिली डॉक्टर की तैयारी, स्वास्थ्य विभाग बनाएगा डीपीआर

रांची, 9 सितंबर . झारखंड में अब लोगों को घर बैठे स्वास्थ्य संबंधी शुरुआती जानकारी और मार्गदर्शन देने के लिए ‘एआई फैमिली डॉक्टर’ विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है. स्वास्थ्य विभाग इसके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करेगा. इसके साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एक एआई असिस्टेंट भी विकसित किया जाएगा, जो उनके रोजमर्रा के काम, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों के लिए रिमाइंडर और अलर्ट देगा.

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बुधवार को इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर दोनों परियोजनाओं की रूपरेखा पर चर्चा की और डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया. प्रस्तावित एआई फैमिली डॉक्टर आम लोगों के लिए डिजिटल हेल्थ असिस्टेंट के तौर पर काम करेगा. व्यक्ति अपनी स्वास्थ्य समस्या इसमें दर्ज कर संभावित बीमारी और आगे की चिकित्सकीय जरूरतों से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी हासिल कर सकेगा.

हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि एआई की ओर से दी गई जानकारी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं होगी. किसी दवा की सलाह को तब तक चिकित्सकीय परामर्श नहीं माना जाएगा, जब तक उसे पंजीकृत चिकित्सक से मंजूरी नहीं मिलती. विभाग की योजना इसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की है. परिणाम संतोषजनक रहने पर राज्य स्तर पर विस्तार पर विचार किया जाएगा.

दूसरी ओर, एआई असिस्टेंट स्वास्थ्यकर्मियों के लिए डिजिटल कार्य-सहायक की भूमिका निभाएगा. यह उन्हें समय और स्थान के अनुसार निर्धारित कार्यों की जानकारी देने के साथ जरूरी संसाधनों और मानवबल से जुड़े अलर्ट भी उपलब्ध करा सकेगा. मसलन, किसी सहिया को उसके क्षेत्र में टीकाकरण की तारीख, स्थान, लक्षित बच्चों की संख्या और जरूरी तैयारियों की जानकारी पहले से मिल सकेगी. इससे फील्ड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और कार्यों के समयबद्ध निष्पादन में मदद मिलने की उम्मीद है.

बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. विभाग अब दोनों प्रस्तावित प्लेटफॉर्म की तकनीकी और व्यावहारिक जरूरतों को शामिल करते हुए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा.

एसएनसी/डीकेपी