
नई दिल्ली, 16 जून . 21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने कहा कि 3 मई की परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के बाद इस बार परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए संगठन के इतिहास में पहली बार पैरामिलिट्री फोर्स और एयरफोर्स की मदद ली जा रही है ताकि सुरक्षा के कड़े से कड़े इंतजाम किए जा सकें.
समाचार एजेंसी से बातचीत में मंगलवार को अभिषेक सिंह ने कहा कि हमने अपनी सभी प्रक्रियाओं में पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की है. प्रश्न-पत्र तैयार करने से लेकर 12 भारतीय भाषाओं में अनुवाद, छपाई, पैकेजिंग और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने तक, हमने सुरक्षा का उच्चतम स्तर सुनिश्चित किया है, जो एनटीए के इतिहास में पहले कभी नहीं किया गया.
उन्होंने कहा कि हम पैरामिलिट्री फोर्स, इंडियन एयरफोर्स, पुलिस, 100 फीसदी सीसीटीवी निगरानी और जीपीएस ट्रैकिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं. साथ ही, परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि कोई भी ऐसा काम न कर सके जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर कोई आंच आए.
एनटीए प्रमुख ने बताया कि लॉजिस्टिक्स के लिए एयरफोर्स की मदद ली जा रही है, क्योंकि परीक्षा आयोजित करने के लिए समय बहुत कम है.
उन्होंने कहा कि इसके लिए यह पक्का करना जरूरी था कि हम परीक्षा के पेपर लाने-ले जाने में लगने वाले समय को कम करें. आम तौर पर इस परीक्षा को आयोजित करने में लगभग पांच महीने लगते हैं. इस बार, हम इसे 37 दिनों के अंदर ही कर रहे हैं ताकि एकेडमिक साइकिल और सेशन पर कोई असर न पड़े.
22 जून तक टेलीग्राम पर लगी अस्थायी रोक के बारे में एनटीए चीफ ने कहा कि हमने 200 से ज्यादा टेलीग्राम चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की है. हमने पाया है कि यही चैनल अलग-अलग परीक्षाओं के लिए अपने नाम बदलते रहते हैं. सिर्फ परीक्षाओं के लिए ही नहीं, बल्कि इन्हीं चैनलों का इस्तेमाल पोर्नोग्राफी, बच्चों के यौन शोषण, ड्रग्स के दुरुपयोग, क्रिप्टो स्कैम और इन्वेस्टमेंट स्कैम के लिए भी किया गया है.
अभिषेक सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि वही लोग ग्रुप का नाम बदलकर ऐसी हरकतें करते हैं और अक्सर लोग इनके झांसे में आ जाते हैं. उन्होंने कहा कि यह परीक्षा से जुड़े मामले से ज्यादा साइबर क्राइम का मामला है.
ऑनलाइन ऐप टेलीग्राम के गलत इस्तेमाल के बारे में एनटीए चीफ ने कहा कि टेलीग्राम में एक ऐसा फीचर भी था जिससे टाइमस्टैम्प बदले बिना ही पहले की पोस्ट का कंटेंट बदला जा सकता था. उदाहरण के लिए 3 मई को हमें एक टेलीग्राम चैनल मिला जिसमें दावा किया गया था कि उन्हें 1 मई को ही मुख्य प्रश्न-पत्र मिल गया था. उन्होंने एक चैट का वीडियो दिखाया जिसमें असली प्रश्न-पत्र दिख रहा था. जांच करने पर पता चला कि उस वीडियो में कश्मीर के अनंतनाग के एक छात्र के असली प्रश्न-पत्र का इस्तेमाल करके बदलाव किया गया था.
उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए हमने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से 22 जून तक भारत में टेलीग्राम का एक्सेस ब्लॉक करने का अनुरोध किया है.
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पीएसके/वीसी