‘रुकावटें सिर्फ तोड़ने के लिए होती हैं’, पंजाब पुलिस के डीजीपी ने दी गुरिंदरवीर सिंह को बधाई

नई दिल्ली, 25 मई . 100 मीटर फ्रीस्टाइल रेस को सिर्फ 10.09 सेकंड में पूरा करके इतिहास रचने वाले धावक गुरिंदरवीर सिंह को पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बधाई दी है. उन्होंने कहा कि रिटायर्ड पुलिस अधिकारी के बेटे ने दिखाया है कि रुकावटें सिर्फ तोड़ने के लिए होती हैं.

उन्होंने पंजाब पुलिस के डीजीपी के सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर गुरिंदरवीर की तारीफ करते हुए लिखा, “रिटायर्ड एएसआई कमलजीत सिंह के बेटे गुरिंदरवीर सिंह को भारतीय एथलेटिक्स में इतिहास रचने पर हार्दिक बधाई. पुरुषों की 100 मीटर रेस को 10.09 सेकंड में पूरा करके गुरिंदरवीर 10.1 सेकंड का बैरियर तोड़ने वाले पहले भारतीय बन गए हैं. यह एक बड़ी कामयाबी है, जो पक्के इरादे, अनुशासन और तय सीमाओं से परे विश्वास को दर्शाती है.”

उन्होंने आगे लिखा, “उनकी यह शानदार कामयाबी न सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरी पंजाब पुलिस बिरादरी के लिए भी बेहद गर्व की बात है. यह खास तौर पर खुशी की बात है कि पंजाब पुलिस के एक रिटायर्ड अधिकारी के बेटे ने देश को दिखाया है कि रुकावटें सिर्फ तोड़ने के लिए होती हैं. गुरिंदरवीर को लगातार सफलता की शुभकामनाएं. वह नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं और देश भर के युवा एथलीटों की पीढ़ियों को प्रेरित कर रहे हैं.”

गुरिंदरवीर ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि रांची में आयोजित फेडरेशन कप 2026 में हासिल की. उन्होंने 10.09 सेकंड में 100 मीटर की रेस पूरी करके नया नेशनल रिकॉर्ड भी कायम किया. इसके साथ ही वह 100 मीटर की रेस सबसे तेज पूरी करने वाले भारतीय धावक भी बन गए हैं. अपनी शानदार दौड़ के दम पर गुरिंदरवीर ने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई भी कर लिया. रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी गुरिंदरवीर को उनकी इस खास उपलब्धि के लिए बधाई दी थी.

हालांकि, गुरिंदरवीर को इस ऐतिहासिक उपलब्धि तक पहुंचने के लिए अनिमेष कुजूर से कड़ी टक्कर मिली. सेमीफाइनल की पहली हीट में गुरिंदरवीर ने 10.17 सेकंड में रेस पूरी करके रिकॉर्ड बनाया था. हालांकि, उनके इस रिकॉर्ड को सिर्फ 10 मिनट बाद ही अनिमेष ने तोड़ दिया और उन्होंने 100 मीटर की रेस 10.15 सेकंड में पूरी कर ली थी. लेकिन, फाइनल मुकाबले में गुरिंदरवीर ने अनिमेष को कोई मौका नहीं दिया. अनिमेष 10.20 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे.

एसएम/एएस