
नई दिल्ली, 12 अगस्त . राज्यसभा में बुधवार को ‘लुंगीवाला’ टिप्पणी को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला. सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया है कि सदन में एक महिला सांसद द्वारा उन्हें ‘लुंगीवाला’ कहा गया. वहीं नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि हर राज्य की वेशभूषा का सम्मान किया जाना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम निश्चित रूप से हर राज्य की वेशभूषा का सम्मान करते हैं. हम ऐसी बातों का समर्थन नहीं करते हैं.
हालांकि, नड्डा ने यह भी कहा कि इस मामले में सांसद सुष्मिता देव का पक्ष भी सुना जाना चाहिए. उन्होंने सभापति से आग्रह किया, ”सुष्मिता देव को भी अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए. सुष्मिता देव को बोलने की अनुमति दें.”
गौरतलब है कि सुष्मिता देव भाजपा से राज्यसभा सांसद हैं. इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम बिना किसी भेदभाव के राष्ट्र की एकता के पक्ष में हैं. उन्होंने कहा कि एक पक्ष के सदस्य द्वारा दूसरे सदस्य पर आरोप लगाए जाने के बाद विरोध की स्थिति बनी है. उन्होंने दूसरे पक्ष को भी सुनने की मांग की.
उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष की बात भी रिकॉर्ड पर आनी चाहिए. रिजिजू ने कहा कि सदन में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए और किसी एक सदस्य की शिकायत के आधार पर दूसरे सदस्यों को अपनी बात रखने से नहीं रोका जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, ”हम किसी भी तरह के भेदभाव के बिना राष्ट्र की एकता के पक्ष में हैं.” रिजिजू ने यह भी कहा कि कुछ अन्य सांसद इस संबंध में एक बयान देना चाहती हैं. इन महिला सांसदों के बयान को भी सदन के रिकॉर्ड में दर्ज कराया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना जरूरी है.
जॉन ब्रिटास की आपत्ति का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सदन में हर सदस्य समान है और सभी भारतीय हैं. इस सदन में हर सदस्य बराबर है. हम सभी समान भारतीय हैं.
रिजिजू ने सभापति से आग्रह किया कि यदि कोई ऐसी टिप्पणी की गई है, जो आपत्तिजनक है अथवा सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है, तो संबंधित सदस्य को अपने कक्ष में बुलाकर पूरे मामले को सुना जाए. इस बीच सदन में लगातार हंगामा और नारेबाजी चलती रही जिसके कारण राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
–
जीसीबी/एसके