पब्लिक एग्जामिनेशन्स संशोधन विधेयक पर सपा सांसद बोले-सिर्फ कानून से, प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी

नई दिल्ली, 30 जुलाई . लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पारित होने के बाद समाजवादी पार्टी के सांसदों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में कई कानून बनाए गए, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो सका.

सपा सांसद राम गोपाल यादव ने भी पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए कानून पर सवाल उठाए. उन्होंने से बात करते हुए कहा कि केवल कानून बनाने से ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी. जब तक पूरी परीक्षा प्रक्रिया ईमानदार लोगों के हाथ में नहीं होगी, चाहे वह प्रश्नपत्र तैयार करने वाले हों, उन्हें छापने वाले हों या सुरक्षित ढंग से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने वाले हों. तब तक पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा सकती.

राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर राम गोपाल यादव ने कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पार्टी ने भगवान राम के नाम पर चुनाव लड़ा और सत्ता हासिल की, उसी के शासन में भगवान राम के नाम पर दिए गए चढ़ावे में अनियमितताएं हुईं.

उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और समाजवादी पार्टी इसे लगातार उठाती रहेगी. राम गोपाल यादव ने इसे दोहरे मापदंड का उदाहरण बताते हुए सरकार की आलोचना की. साथ ही छात्रों के हितों, लोकतांत्रिक अधिकारों और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन विषयों पर जवाबदेही तय होना आवश्यक है.

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि देश में पहले भी कई कानून बनाए गए, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो सका. किसी भी कानून की सफलता सरकार की नीयत और उसे लागू करने वाली व्यवस्था पर निर्भर करती है. यह देखना होगा कि इस कानून को लागू करने की जिम्मेदारी किसके पास है और सत्ता में बैठे लोगों की मंशा क्या है.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की छात्रों और युवाओं के प्रति नीयत ठीक नहीं है, इसलिए केवल कानून बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा. विधेयक पारित होना अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन असली चुनौती इसके प्रभावी क्रियान्वयन की है. यदि जिम्मेदार एजेंसियां ईमानदारी से काम नहीं करेंगी तो पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा.

छात्रों पर गोलीबारी की घटना का उल्लेख करते हुए सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों बनीं, जिनमें गोली चलाने की नौबत आई. उन्होंने सवाल उठाया कि उन हालात के लिए जिम्मेदार कौन था. उनके अनुसार, केवल यह कह देना पर्याप्त नहीं है कि फैसला मजिस्ट्रेट ने लिया था.

उन्होंने दावा किया कि इस घटना में कई छात्र घायल हुए. कई के हाथ-पैर टूटे और कई लोगों के सिर में चोटें आईं. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं मिलने के मुद्दे पर भी अवधेश प्रसाद ने सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया. यदि उनके बोलने के तरीके पर किसी को आपत्ति थी, तब भी उन्हें अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक अधिकार मिलना चाहिए था.

उन्होंने कहा कि किसी सांसद को अपनी बात रखने से रोकना लोकतंत्र की भावना और गरिमा के अनुरूप नहीं है.

एसएके/वीसी