
नई दिल्ली, 4 नवंबर . कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से पीएम मोदी को डिबेट की चुनौती दिए जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. एनडीए नेताओं ने कहा कि एसआईआर का मुद्दा उठाने वाले राहुल गांधी से जब सबूत मांगा जाता है तो वे संसद से भागते क्यों हैं.
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि राहुल गांधी को बहस करनी है तो उन्हें संसद में आना चाहिए. संसद लोकतंत्र का मंदिर है. एक तरफ संविधान की बात करते हैं, दूसरी तरफ संसद का अपमान करते हैं. वे तथ्यों से दूर क्यों भागते हैं. जब संसद में राहुल गांधी की पोल खुल जाती है तो वे संसद से भागते क्यों हैं. संसद के बाहर कैसी चर्चा होती है, जो भी चर्चा होगी वह संसद के भीतर होगी, विपक्ष के नेता को इसके लिए तैयार रहना चाहिए.
भाजपा नेता अतुल भातखलकर ने कहा कि संसद का अस्तित्व इसी उद्देश्य के लिए है. जब संसद का सत्र चल रहा हो, तो उसमें बाधा डालने के बजाय उसे काम करने देना चाहिए. संसद के बाहर राहुल गांधी के भाषण बचकाने हैं. भारत की जनता विदेशी ताकतों से जुड़ी कथित साजिश के बारे में जानती है. सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है, जहां वे इस मुद्दे को उठा सकते हैं और चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं. हालांकि, राहुल गांधी बहस करने से डरते हैं क्योंकि उनके पास उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा ही नहीं है.
दूसरी ओर, इसी मुद्दे पर राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि राहुल गांधी के बयान को अलग तरह से देखने की जरूरत नहीं है. राहुल गांधी ने सही कहा है कि जगह तय कीजिए, बिंदूवार तरीके से सभी मुद्दों पर डिबेट करते हैं. लोगों को भी लगेगा कि स्पष्टता कहां है.
बीजद सांसद सुलता देव ने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर देश में माहौल चल रहा है, वह है मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और एसआईआर को रोक देना चाहिए. सरकार को इस ओर देखना चाहिए क्योंकि, एसआईआर के जरिए 13 करोड़ वोटर के नाम काटे गए. एसआईआर में धांधली हुई है. भारत के नागरिकों का वोट काटा गया है. चर्चा संसद में होगी लेकिन सरकार को ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा लेना चाहिए.
झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि देश डिबेट मांगता है और पीएम मोदी के मन में क्या चल रहा है, यह देश जानना चाहता है और देश का मतलब है राहुल गांधी. राहुल गांधी ने बार-बार देश के प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि आप डिबेट करें. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए देश को बचाने की आवश्यकता है. लगातार वोट चोरी हो रही है. देश को एसआईआर की जरूरत नहीं थी. भाजपा इसे अपने लाभ के लिए लाई. देश को बचाने की जरूरत है और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक्शन होना चाहिए.
कांग्रेस नेता केशव महतो के साथ ही झारखंड कांग्रेस के अन्य नेताओं ने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान नवंबर के अंत तक जारी रहेगा.
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डीकेएम/पीएम